सपा का निर्वाचन आयोग पर गंभीर आरोप, कहा- भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए 50 लाख वोट बढ़ाने का लक्ष्य
समाजवादी पार्टी ने चुनाव आयोग पर भाजपा के दबाव में मतदाता सूची में 50 लाख वोट बढ़ाने का आरोप लगाया ...और पढ़ें

HighLights
सपा ने चुनाव आयोग पर भाजपा के लिए वोट बढ़ाने का आरोप लगाया।
पार्टी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर बैठक मांगी।
विधान परिषद चुनाव हेतु 23 अक्टूबर को सार्वजनिक अवकाश की मांग।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। समाजवादी पार्टी ने निर्वाचन आयोग पर भाजपा के दबाव में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण अभियान चलाने का आरोप लगाया है। कहा है कि आयोग ने भाजपा को लाभ पहुंचाने के लिए प्रदेश में 50 लाख वोट बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने इस संबंध में मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा को ज्ञापन भेजकर तत्काल राजनीतिक दलाें की बैठक बुलाने और अभियान के निर्देशों को साझा करने की मांग की है। इसके साथ विधान परिषद के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 23 अक्टूबर को मतदान दिवस पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करने की भी मांग की है।
20 से 25 मतदाता बनाने का लक्ष्य
मंगलवार को प्रदेश अध्यक्ष की ओर से पार्टी के वरिष्ठ नेता केके श्रीवास्तव, डा. हरिश्चंद्र सिंह यादव और राधेश्याम सिंह ने यह ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि मुख्यमंत्री व भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने अपने कार्यकर्ताओं से प्रत्येक बूथ पर 200 मतदाता बनाने को कहा था, लेकिन उन्होंने कोई काम नहीं किया। अब भाजपा के लिए प्रत्येक बीएलओ को 20 से 25 मतदाता बनाने का लक्ष्य दिया गया है।
विधान सभा चुनाव में 100 दिन से भी कम समय बचा है और एक माह के विशेष अभियान के बाद, एक माह तक मतदाता सूची का वार्षिक विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण होना बाकी है। विशेष अभियान शुरू करने से पहले राजनीतिक दलों के साथ चर्चा नहीं की गई।
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आयोग एकतरफा निर्णय लेकर मनमानी कर रहा है। मांग की गई है कि जिला स्तर पर भी दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की जाए। साथ ही 11 विधान परिषद सीटों के चुनाव में बरेली-मुरादाबाद खंड में किसी पात्र मतदाता का नाम न हटाया जाए।
यदि किसी नाम को हटाया जाता है तो संबंधित अधिकारी-कर्मचारी व शिक्षक का नाम, अपात्रता का स्पष्ट कारण अभिलेख में दर्ज किया जाए और सार्वजनिक किया जाए।
