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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 19, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

समाजवादी संग्राम- रजत जयंती समारोह का बहिष्कार करेगी सपा की युवा ब्रिगेड

By Ashish MishraEdited By:
Published: Wed, 19 Oct 2016 11:58 AM (IST)Updated: Fri, 21 Oct 2016 11:08 AM (IST)

समाजवादी पार्टी अपने 'घरेलू संग्राम से उबर नहीं पा रही है। अब युवा ब्रिगेड के 33 सदस्यों ने पांच नवंबर ...और पढ़ें

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लखनऊ (जेएनएन)। समाजवादी पार्टी अपने 'घरेलू संग्राम से उबर नहीं पा रही है। एक पक्ष को साधने का प्रयास होते ही दूसरा बगावती हो रहा है। दो एमएलसी, एक विधायक, सफाई आयोग के अध्यक्ष समेत युवा ब्रिगेड 33 सदस्यों ने पांच नवंबर के रजत जयंती समारोह से दूर रहने का एलान कर संग्राम को नया मोड़ दिया है। अलबत्ता इन लोगों ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नेतृत्व में भरोसा जताया है। जाहिर है, समाजवादी पार्टी में सब कुछ ठीक नहीं है।

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बारह सितंबर से सड़क पर आए समाजवादी परिवार का संग्राम में कूटनीतिक और संघर्ष का हर दिन नया रंग सामने आ रहा है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पार्टी का चेहरा और बहुमत मिलने पर मुख्यमंत्री नियुक्त करने का मुखिया मुलायम सिंह यादव का संदेश सोमवार को उपाध्यक्ष किरनमय नंदा ने सुनाया तो प्रतीत हुआ कि चुनाव से पहले पटरी से उतरी समाजवादी पार्टी की गाड़ी जल्द रफ्तार पकड़ लेगी मगर मंगलवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के समर्थकों में शुमार युवा ब्रिगेड के दो विधान परिषद सदस्य (एमएलसी), एक विधायक समेत 33 युवकों ने पार्टी के सैन्य प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष कर्नल सत्यवीर यादव के नेतृत्व में जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट परिसर में बैठक कर पार्टी के रजत जयंती समारोह में भाग नहीं लेने का ऐलान कर दिया। सपा के इतिहास में यह भी पहला मौका है कि विधायक, दो एमएलसी पार्टी के किसी कार्यक्रम में शामिल न होने की घोषणा कर दें। यह इस बात का भी संकेत है कि अभी पार्टी में सब कुछ ठीक नहीं हुआ है।

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युवा ब्रिगेड पर कार्रवाई दुर्भाग्यपूर्ण
रजत जयंती में हिस्सा नहीं लेने की जानकारी देते हुए कहा गया है कि कार्यकर्ताओं ने विपक्ष में रहते हुये बसपा सरकार के अन्याय के खिलाफ आंदोलन में सक्रिय रूप से भागीदारी की थी, यह अत्यंत दुखद है कि सुनील यादव 'साजन, आनंद भदौरिया, अरविंद प्रताप यादव, संजय लाठर (चारों एमएलसी), बृजेश यादव, मो.एबाद, गौरव दुबे और दिग्विजय सिंह को झूठी शिकायतों पर सपा से निष्कासित कर दिया गया। बयान में कहा गया है कि अनुशासनहीन बता युवाओं के संघर्षमय जीवन पर जो दाग लगाया गया है, वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। युवा साथियों के निष्कासन के विरोध में पांच नवंबर को सपा के रजत जयंती समारोह में शामिल नहीं होंगे। बयान में यह भी कहा गया है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नेतृत्व में निष्ठा व आस्था भी व्यक्त करते हैं।

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इन्होंने किया बहिष्कार का एलान
एमएलसी संतोष यादव 'सनी, उदयवीर सिंह व विधायक अरुण वर्मा, राज्य सफाई आयोग के अध्यक्ष जुगुल किशोर बाल्मीकि, कार्तिक तिवारी 'शैलू पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष युवजन सभा, सर्वेश यादव पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष छात्रसभा, भूपेन्द्र सिंह यादव, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष इलाहाबाद विश्वविद्यालय, कर्नल सत्यवीर सिंह यादव, जयसिंह जयन्त, राहुल सिंह, अवधेश वर्मा, अरुण यादव, रामसागर यादव, विजय यादव, प्रदीप तिवारी, ओम नारायण यादव, प्रदीप शर्मा, मनीष दुबे, करुणेश द्विवेदी, अरविंद गिरि, राबिन सिंह यादव, दानिश सिद्दीकी, वैभव सैनी, शिवकुमार यादव, योगेश यादव, अभिषेक यादव, वैभव सैनी, डा.फिदा हुसैन अंसारी त्रिशुलधारी सिंह और नागेन्द्र सिंह यादव शामिल हैं।

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वापसी का दवाब

नौजवानों के एक वर्ग द्वारा रजत जयंती केबहिष्कार के एलान को मुलायम सिंह के घर के सामने नारेबाजी पर निष्कासित नेताओं की पार्टी में वापसी युवा संगठनों के नेताओं की पार्टी में वापसी का दवाब का माना जा रहा है। समाजवादी पार्टी के एमएलसी व प्रदेश प्रवक्ता डॉ.अशोक वाजपेयी के अनुसार जिन लोगों ने समाजवादी पार्टी की रजत जयंती समारोह ने हिस्सा नहीं लेने का ऐलान किया है, उनमें से अधिकतर पार्टी से निष्कासित हैं। ऐसे लोगों की घोषणा का कोई अर्थ नहीं है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ता, नेता और वरिष्ठ पदाधिकारी एकजुट हैं। रजत जयंती समारोह एतिहासिक होगा।

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