शिवा शर्मा हत्याकांड: श्रद्धा दुबे समेत तीनों आरोपितों से 6.30 घंटे में पूछे गए 120 सवाल, अभी जारी रहेगी पड़ताल
Shiva Sharma Murder Case: बरामद दो मोबाइल और अन्य सामान सील कर दिया गया है। उनकी फारेंसिक जांच कराई जाएगी।

श्रद्धा दुबे, बहन रश्मि दुबे और दानिश उर्फ तनवीर को पुलिस गुरुवार सुबह हजरतगंज थाने लेकर पहुंची
HighLights
श्रद्धा का पास से मिले 25 हजार रुपये, दो मोबाइल समेत अन्य सामान
डीसीपी कार्यालय में हुई पूछताछ, अलग-अलग की गई पूछताछ
जागरण संवाददाता, लखनऊ: शिवा शर्मा के हत्याकांड में नागपुर से गिरफ्तार कर श्रद्धा दुबे, बहन रश्मि दुबे और दानिश उर्फ तनवीर को पुलिस गुरुवार सुबह हजरतगंज थाने लेकर पहुंची। इसके बाद डीसीपी मध्य अर्पित विजयवर्गीय समेत दस सदस्यीय टीम ने इनसे अलग-अलग साढ़े छह घंटे पूछताछ की।
पुलिस ने तीनों से 120 सवाल पूछे। साथ ही तीनों के अलग-अलग क्रास बयान दर्ज किए गए। डीसीपी ने बताया कि तीनों ने एक ही तरह का बयान दिए हैं, जिसमें श्रद्धा ने वही बात कही जो फरारी का दौरान वीडियो वायरल कर कही थी। वहीं, तीनों का पास से दो मोबाइल, 25 हजार रुपये नकद बरामद हुए हैं। वहीं दो मोबाइल गायब मिले हैं, जिनकी तलाश का लिए टीम लगाई गई है।
पुलिस टीम सुबह 9.45 पर तीनों को लेकर हजरतगंज थाने पहुंची, जिसके बाद तीनों को डीसीपी मध्य का सर्विलांस रूम में बैठाया गया। एक-एक कर पूछताछ शुरू में श्रद्धा ने पुलिस को बताया कि आठ अक्टूबर की रात हम सब बाहर घूम रहे थे। इसके बाद सुबह करीब सात बजे फ्लैट पर पहुंचे तो सभी लोग सो गए। शाम चार बजे सोकर उठे तो शिवा व उसमें विवाद हो गया था, जिसके बाद शिवा कमरा बंद कर बालकनी के तरफ चले गए और सुसाइड कर लिया।
यही बात बहन रश्मि और चालक दानिश उर्फ तनवीर ने भी दोहराई। इसके बाद डीसीपी मध्य ने तीनों को अलग-अलग कर बैठाया और भागने का कारण पूछा, तो उसने बताया कि जेल जाने से डर गई थी। इसी कारण भाग रही थी। पुलिस ने पूछा कि उसके दो मोबाइल फोन कहां हैं तो उसने बताया कि नेपाल में भागने का दौरान गिर गए। इसमें एक फोन उसकी बहन और एक उसका है। इस पर पुलिस गायब हुए दोनों मोबाइल के तलाश कर रही है। बरामद दो मोबाइल और अन्य सामान सील कर दिया गया है। उनकी फारेंसिक जांच कराई जाएगी। आरोपितों के फरारी का दौरान किस-किस ने मदद इसकी भी पड़ताल के जा रही है।
कानपुर का चालक के मदद से श्रद्धा पकड़ में आई
फरारी का दौरान श्रद्धा लगातार टैक्सी बदल रही थी। वह लखनऊ से नेपाल, नेपाल से रायबरेली होते हुए आगरा पहुंची। वहां 12 घंटे रुकने का बाद लखनऊ पहुंची। यहां मुकदमा खत्म करवाने का लिए कोर्ट में पेशी करने का लिए फोटो एफिडेविट करवाया। इसके बाद न्यूज एजेंसी को बाइट देकर कानपुर पहुंची। वहां होटल लिया तो आइडी कार्ड मांगा, इस पर टैक्सी कर नागपुर निकल गई। वहां आनलाइन फ्लैट किराए पर लिया। जैसे फ्लैट का वाइफाइ से कनेक्ट किया तो पुलिस को लोकेशन मिल गई। नागपुर पुलिस ने टैक्सी चालक को भी पकड़ लिया था। उसने भी अपने बयान में कहा है।
श्रद्धा दुबे हत्याकांड से जुड़े मुख्य तथ्य
नौ अक्टूबर को विवाद का बाद शिवा शर्मा की हत्या हुई।
दस अक्टूबर को हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ और श्रद्धा समेत तीनों आरोपित नेपाल भाग गए।
पुलिस ने तलाश शुरू की और शव का मेडिकल करवाया, जिसमें 11 चोटें मिलीं।
श्रद्धा के घर में काम करने वाली नौकरानी का बयान दर्ज हुए, उसने विवाद के बात बताई।
श्रद्धा को टैक्सी और सिम देने वाली दुबग्गा निवासी आमिर के तलाश के जा रही है।
लाटूश रोड निवासी आमिर से पूछताछ की जा रही है।
अब तक सात लोगों का बयान दर्ज हुए, उसके आधार पर कार्रवाई हो रही है।
यह था मामला
नौ अक्टूबर को प्राग नारायण रोड पर बालू अड्डे चौराहे का पास अवध ग्रीन अपार्टमेंट के चौथी मंजिल से गिरकर कैफे ओनर शिवा शर्मा के मौत हो गई थी। शिवा के मां रंजना ने श्रद्धा दुबे, बहन रश्मि दुबे, चालक दानिश उर्फ तनवीर समेत अन्य पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। तीनों 11 दिन तक पुलिस को चकमा दे रहे थे। इस दौरान नेपाल, रायबरेली, आगरा, नागपुर समेत कई शहरों में रुके। 20 अक्टूबर को नागपुर से श्रद्धा, रश्मि और तनवीर गिरफ्तार हुए थे। कोर्ट से 72 घंटे के ट्रांजिट रिमांड मिले का बाद पुलिस उन्हें नागपुर से यहां लेकर आई है।
