शिवा हत्याकांड की जांच पर उठे सवाल, श्रद्धा दुबे का नहीं दर्ज किया बयान; रिमांड के लिए नहीं लगाई अर्जी
कारोबारी शिवा हत्याकांड की मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे की न्यायिक हिरासत पूरी होने वाली है, लेकिन पुलिस ने जेल में ...और पढ़ें

श्रद्धा दुबे, बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश को 20 अक्टूबर को हुए गिरफ्तार।
HighLights
पुलिस ने जेल में श्रद्धा दुबे का बयान दर्ज नहीं किया।
अहम सबूत पुराने मोबाइल के लिए रिमांड अर्जी नहीं लगाई।
न्यायिक हिरासत पूरी होने पर पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। कारोबारी शिवा हत्याकांड की मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे के पुराने मोबाइल में अहम राज छिपे होने की संभावना है। पुलिस उससे शिवा की मौत से लेकर श्रद्धा के रसूखदारों के संपर्कों तक पहुंच सकती है।
मोबाइल तलाशने के लिए पुलिस के पास 10 दिन का समय था, लेकिन इस दौरान विवेचक मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे और सह-आरोपियों का बयान दर्ज करने जेल तक नहीं पहुंचे। न ही गायब मोबाइल और अन्य अहम साक्ष्यों की बरामदगी के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड की अर्जी लगाई गई।
आज पूरा हो रहा है न्यायिक हिरासत
श्रद्धा समेत तीनों आरोपियों को नागपुर से गिरफ्तार कर लखनऊ लाने के बाद पुलिस ने करीब साढ़े 6 घंटे पूछताछ की थी। इस दौरान श्रद्धा ने खुद को बेकसूर बताते हुए कहा था कि शिवा ने आत्महत्या की है। पुलिस को श्रद्धा का पुराना मोबाइल नहीं मिला था। उसने बताया था कि मोबाइल कहीं गिर गया है।
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को जो नया मोबाइल मिला था, वह फार्मेट किया हुआ था। उसमें कोई डाटा मौजूद नहीं था। श्रद्धा दुबे समेत तीनों आरोपियों की 10 दिन की न्यायिक हिरासत शनिवार को पूरी हो रही है। बताया जा रहा है कि तीनों आरोपियों को वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से न्यायाधीश के सामने पेश होंगे।
फरारी में मदद करने वालों पर भी कार्रवाई नहीं
श्रद्धा ने 11 दिन तक फरारी काटी थी। वह नेपाल, रायबरेली, लखनऊ व आगरा होते हुए नागपुर तक पहुंची। कई होटलों में ठहरी और नागपुर में एक फ्लैट में भी रही। कई लोगों ने उसकी मदद की। अब तक मददगारों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।
शुरुआत से ही पुलिस की कार्रवाई पर उठते रहे सवाल
इस मामले में शुरू से पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठते रहे हैं। काफी किरकिरी होने के बाद तत्कालीन पुलिस उपायुक्त मध्य विक्रांत वीर, सहायक पुलिस आयुक्त रजनीश वर्मा और हजरतगंज कोतवाली प्रभारी विक्रम सिंह हटाए गए थे। इसके बाद पुलिस और एसटीएफ की टीम ने नागपुर से तीनों आरोपितों को गिरफ्तार किया था।
यह है पूरा मामला
9 अक्टूबर को प्रागनारायण रोड स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरकर 27 वर्षीय शिवा शर्मा की मौत हो गई थी। उनकी मां रंजना ने लिव-इन पार्टनर श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और चालक दानिश उर्फ तनवीर समेत अन्य के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। तीनों आरोपियों को 20 अक्टूबर को नागपुर से गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस उपायुक्त मध्य अर्पित विजयवर्गीय ने कहा कि श्रद्धा दुबे और अन्य आरोपियों की पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए अर्जी नहीं लगाई गई है। घटना के रिक्रिएशन के लिए कोर्ट में अर्जी लगाई गई है।
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