शिवा शर्मा हत्याकांड में शनिवार को हो सकता है सीन रिक्रिएशन, लखनऊ पुलिस ने की पूरी तैयारी
Shiva Sharma Murder Case: जेलर ऋतिक प्रियदर्शी के मुताबिक, पुलिस सत्यापन के बिना किसी को भी श्रद्धा से मिलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

शिवा शर्मा हत्याकांड : शिवा शर्मा ------हत्या की मुख्य आरोपित श्रद्धा दुबे
HighLights
श्रद्धा दुबे और अन्य की रिमांड बढ़वाने के लिए पुलिस कोर्ट में दाखिल करेगी साक्ष्य
जेल में करवटें बदलते बीत रहीं श्रद्धा दुबे की रातें, बहन रश्मि के व्यवहार में खामोशी
जागरण टीम, लखनऊ : कारोबारी शिवा शर्मा हत्याकांड में लखनऊ पुलिस अब सीन रिक्रिएशन की तैयारी कर रही है। माना जा रहा है कि पुलिस शनिवार को सीन रिक्रिएशन कराएगी।
लखनऊ जिला कारागार में बंद शिवा शर्मा की हत्या की मुख्य आरोपित श्रद्धा दुबे की न्यायिक अभिरक्षा की अवधि 31 अक्टूबर को समाप्त हो रही है। 22 अक्टूबर को उसे दस दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया था। अब पुलिस इनकी रिमांड अवधि बढ़ाने की भी मांग करेगी। शिवा शर्मा हत्याकांड में पुलिस की जांच जारी है। श्रद्धा और रश्मि समेत अन्य आरोपितों से जुड़े मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर भी पुलिस की नजर है।
श्रद्धा की न्यायिक अभिरक्षा की अवधि समाप्त होने के बाद उसे लेकर अगला निर्णय न्यायालय की प्रक्रिया के अनुसार होगा। इस मामले में डीसीपी मध्य अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि रिमांड बढ़वाने के लिए न्यायालय में साक्ष्य दाखिल किए जाएंगे। साथ ही सीन रिक्रिएशन की तैयारी कर ली गई है।
पुलिस सत्यापन के बाद ही मुलाकात
जेल प्रशासन ने श्रद्धा से मुलाकात के मामले में सख्ती बरत रखी है। जेलर ऋतिक प्रियदर्शी के मुताबिक, पुलिस सत्यापन के बिना किसी को भी श्रद्धा से मिलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसी व्यवस्था के चलते अब तक उससे कोई मुलाकात नहीं हो सकी है।
जेल में करवटें बदलते बीत रहीं श्रद्धा दुबे की रातें
जेल में दाखिल होने के बाद से श्रद्धा दुबे की दिनचर्या पूरी तरह बदल गई है। लग्जरी जिंदगी जीने वाली श्रद्धा को अब जेल की व्यवस्था के साथ तालमेल बिठाने में मुश्किल हो रही है। जेल जाने से पहले श्रद्धा का रहन-सहन काफी आरामदायक था। मनपसंद रेस्टोरेंट में खाना खाना, अपनी मर्जी से सोना-जागना और लग्जरी गाड़ी में तेज आवाज में संगीत सुनना उसकी दिनचर्या का हिस्सा था। अब जेल में उसकी रातें करवटें बदलते बीत रही हैं।
क्वारंटीन बैरक से सामान्य बैरक में स्थानांतरित होने के बाद उसे जेल की नियमित दिनचर्या के मुताबिक रहना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि बैरक में बंद करीब 45 महिला बंदियों के बीच श्रद्धा अब उनसे बातचीत करती है। वह उनसे जमानत और जेल से रिहाई के रास्ते के बारे में भी पूछती है। वहीं, उसकी बहन रश्मि दुबे के व्यवहार में खामोशी नजर आ रही है। वह ज्यादातर समय गुमसुम रहती है।
