योगी आदित्यनाथ सरकार 2.0 का दूसरा मंत्रिमंडल विस्तार आज, छहों नाम तय; देखें सूची में किनके नाम
Yogi Adityanath Government 2.0-Second Expansion: योगी आदित्यनाथ सरकार के दूसरे कार्यकाल के मंत्रिमंडल का दूसरा विस्तार दोपहर तीन बजे से जन भवन में होगा।
HighLights
60 सीएम के साथ सरकार में 54 मंत्री, अधिकतम 60 को ही किया जा सकता है शामिल
विधानसभा चुनाव से पहले जातीय व क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल का दूसरा विस्तार आज दोपहर तीन बजे से होगा। सरकार में अभी तो मुख्यमंत्री, दो उपमुख्यमंत्री समेत 21 कैबिनेट मंत्री हैं। इनके साथ 14 राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 18 राज्य मंत्री हैं। सरकार में 54 मंत्री हैं तो अधिकतम 60 मंत्री ही बनाये जा सकते है। यदि किसी को मंत्रिमंडल से हटाया नहीं जाता है तो छह ही और मंत्री बन सकते हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को बंगाल में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के बाद लखनऊ लौटे और शाम को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मिलने जन भवन पहुंचे। इस मुलाकात के साथ ही बहुप्रतीक्षित मंत्रिमंडल विस्तार आज तीन बजे होना तय हो गया।
मंत्री के लिए छह नाम तय
- भूपेन्द्र चौधरी
- हंसराज विश्वकर्मा (वाराणसी)
- कैलाश सिंह राजपूत
- कृष्णा पासवान
- मनोज पांडेय
- सुरेंद्र दिलेर।
नाम तो फाइनल
योगी आदित्यनाथ सरकार एक में कैबिनेट मंत्री रहे पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र चौधरी, रायबरेली के ऊंचाहार से विधायक समाजवादी पार्टी से बगावत करने वाले मनोज कुमार पाण्डेय, अति पिछड़ी जाति से आने वाले वाराणसी के विधान परिषद सदस्य हंसराज विश्वकर्मा और फतहेपुर की खागा सीट से विधायक अनुसूचित जाति की कृष्णा पासवान का तो मंत्री बनना तय है। या यूं कह लें कि इन चार के नाम तो फाइनल हैं। यानी इनको 60 सदस्यीय मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा। इनके साथ अलीगढ़ के खैर से विधायक सुरेन्द्र दिलेर का नाम भी काफी चर्चा में है। राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) से सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर, माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देबी, उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह व समाज कल्याण मंत्री असीम अरूण को कैबिनेट मंत्री बनाया जा सकता है।
दो वर्ष पहले हुआ था पहला विस्तार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल का पहला विस्तार लोकसभा चुनाव से पहले पांच मार्च 2024 को हुआ था। तब सामाजिक समीकरण को ध्यान में रखते हुए पिछड़े, दलित, अगड़े के साथ ही पूरब से पश्चिम को साधते हुए चार नए कैबिनेट मंत्री बनाए गए थे। इनमें सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर, भाजपा एमएलसी दारा सिंह चौहान, मुजफ्फरनगर की पुरकाजी सीट से रालोद विधायक अनिल कुमार और गाजियाबाद की साहिबाबाद सीट से भाजपा विधायक सुनील कुमार शर्मा मंत्री बने थे। इसके साथ कैबिनेट मंत्रियों की संख्या मुख्यमंत्री योगी सहित 22 हो गई, लेकिन लोकसभा चुनाव के बाद जितिन प्रसाद केंद्रीय मंत्री बन गए थे। इस तरह से वर्तमान में 21 कैबिनेट मंत्री हैं।
मौजूदा मंत्रिमंडल का जातीय समीकरण
योगी आदित्यनाथ 2.0 सरकार जब गठित हुई उस समय पिछड़ा वर्ग के 20, आठ दलित, सात ब्राह्मण, छह राजपूत, चार वैश्य, दो भूमिहार मंत्री बनाय गये थे। पहले विस्तार में दो पिछड़े वर्ग मंत्रियों में बढ़ोत्तरी हुई, जिससे मंत्री पिछड़े वर्ग के मंत्रियों की संख्या 22 हो गई। इसके अतिरिक्त एक सुनील शर्मा ब्राह्मण को मंत्रिमंडल में स्थान मिला, लेकिन जितिन प्रसाद केंद्रीय मंत्री बन गये, जिससे ब्राहमण मंत्रियों की संख्या सात ही रही। अलबत्ता अनिल कुमार के रूप में दलित मंत्रियों की संख्या बढ़कर नौ हो गई थी।
भाजपा विधायकों का जातीय समीकरण
वर्तमान में भाजपा के पास 258 विधायक हैं। इनमें से 45 राजपूत, 42 ब्राह्णण, ओबीसी के 84, एससी के 59 और अन्य सवर्ण विधायक की संख्या 28 हैं। इसी तरह 100 सदस्यों वाली विधान परिषद में भाजपा के 79 सदस्य हैं। इनमें राजपूत 23, ब्राहम्ण 14, ओबीसी 26, मुस्लिम 02 और अन्य सवर्ण 12 और एससी वर्ग के दो सदस्य हैं।
जातीय व क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में अब सिर्फ आठ महीने ही है। इसको देखते हुए भाजपा यूपी में योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए जातीय व क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश करेगी।
जहां छह और मंत्री बनाए जा सकते हैं वहीं मौजूदा राज्यमंत्रियों में से कुछ को कैबिनेट मंत्री बनाया जाएगा। राज्यसभा चुनाव में सपा से बगावत करने वाले विधायकों में से दो को मंत्री पद का पुरस्कार मिल सकता है।
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वर्तमान में मुख्यमंत्री योगी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक सहित कुल 54 मंत्री। राज्य में अधिकतम 60 मंत्री बन सकते हैं। जातीय व क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए मंत्रियों के छह रिक्त पदों को भरा जाएगा।
