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समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव का गंभीर आरोप, बोले-चुनाव "लूटती" आ रही है भाजपा

Published: Wed, 23 Sep 2026 02:39 PM (IST)

Akhilesh Yadav: सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि उस समय उन्हें लोकसभा में कफन लेकर जाना पड़ा और कहना पड़ा कि चुनाव आयोग मर चुका है।

HighLights

  1. अखिलेश यादव का चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप, निष्पक्षता में कमी

  2. 2022 के विधानसभा चुनाव में हारने के बाद लगाए थे गड़बड़ी के आरोप

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर निष्पक्षता में कमी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आयोग से निष्पक्षता की उम्मीद की जाती है, लेकिन दस महीनों में आयोग के अधिकारियों ने 14 बार नोट लिखे हैं। उन्होंने कहा कि अगर यही स्थिति रही तो उत्तर प्रदेश विधान सभा का चुनाव आखिरी चुनाव होगा।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इंडियन एक्सप्रेस की उस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया दी है जिसमें कहा गया है कि दो चुनाव आयुक्तों ने SIR प्रक्रिया में गड़बड़ियों पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि चुनाव को लेकर जिस संस्थान की सबसे बड़ी मान्यता है, हम और आप समझते हैं कि यह सबसे निष्पक्ष संस्थान है लेकिन वहीं पर इस तरह का व्यवहार हो रहा हो कि 14 बार और दस महीने में कई अधिकारियों ने अपना नोट लिखा है।

सपा मुखिया ने कहा कि आप कल्पना कर सकते हैं कि चुनाव आयोग किस आधार पर इस तरह का व्यवहार कर रहा था। ये हमारे लोकतंत्र के लिए घातक है, ये हमारे लोकतंत्र को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। जो निष्पक्ष संस्थान हैं, वह भी अब निष्पक्ष नहीं बचे हैं। 2022 में जब समाजवादी पार्टी चुनाव हारी थी, मैंने ये आरोप लगाया था कि चुनाव आयोग के अधिकारियों ने जानबूझकर समाजवादी पार्टी के वोटर्स को चिह्नित करके वोटर लिस्ट से निकाला था। जब उन्होंने समाजवादी पार्टी को नोटिस दिया तो हमने बड़ी संख्या में एफिडेविट के साथ चुनाव आयोग को जानकारी दी लेकिन एक भी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई।

समाजवादी पार्टी ने 2022 के विधानसभा चुनाव में हारने के बाद चुनाव में गड़बड़ी के आरोप लगाए और 28 हजार से अधिक एफिडेविट दाखिल किए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उपचुनावों में भी बड़े पैमाने पर बेईमानी हुई।

सपा प्रमुख ने कहा कि उस समय उन्हें लोकसभा में कफन लेकर जाना पड़ा और कहना पड़ा कि चुनाव आयोग मर चुका है। बिहार और बंगाल के चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि बंगाल में यूपी माडल लागू किया गया और 3 लाख फोर्स लगाकर चुनाव लड़ा गया। एसएआर प्रक्रिया में भी यूपी में फर्जी फार्म-7 भरे गए, सुल्तानपुर में भी ऐसा हुआ।

अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार मनमर्जी कर रही है और उसका रास्ता डिमोलिशन का है। अयोध्या के विकास पर उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रभु राम और अयोध्या के विकास में समाजवादी कभी रोड़ा नहीं बनेंगे और मौका मिलने पर बेहतर विकास करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अयोध्या के विकास के नाम पर गरीबों की बस्तियां और घर उजाड़ रही है।

सरयू नदी में खड़े होकर एक व्यक्ति ने कहा था कि वे भाजपा को वोट नहीं देंगे, लेकिन सरकार ने गरीबों के घर बुलडोज कर दिए। प्रेस कान्फ्रेंस में अयोध्या डिमोलिशन के पीड़ित भी पहुंचे। अयोध्या निवासी प्रति चौहान सहित अन्य लोगों ने बताया कि उनके घर गलत तरीके से तोड़े गए, घर खाली करने का समय नहीं दिया गया और बिना नोटिस के लोग एकाएक अनाथ हो गए।

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