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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 19, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

योगी आदित्यनाथ की ताजपोशी पर जश्न में डूबा पूर्वांचल

By Nawal MishraEdited By:
Published: Sun, 19 Mar 2017 11:53 PM (IST)Updated: Sun, 19 Mar 2017 11:58 PM (IST)

गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री पद की शपथ ले रहे थे, इधर पूरा पूर्वांचल जश्न में सरोबार था।

योगी आदित्यनाथ की ताजपोशी पर जश्न में डूबा पूर्वांचल
योगी आदित्यनाथ की ताजपोशी पर जश्न में डूबा पूर्वांचल

गोरखपुर (जेएनएन)। गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री पद की शपथ ले रहे थे, इधर पूरा पूर्वांचल जश्न में सरोबार था। आस्था व श्रद्धा के प्रतीक इस पीठ की महान उपलब्धि पर मजहबी और जातिगत दीवारें भी ध्वस्त हो गईं। मंदिर के चारो ओर घनी आबादी में रहने वाले मुसलमानों ने उल्लास के साथ मिठाइयां बांटी, तो मंदिर के अंदर-बाहर भी रंग-गुलाल उड़ाकर जश्न मनाया गया। पीठ की परंपरा के अनुरूप जहां दलित-सवर्णों के सहभोज ने सामाजिक समरसता को मजबूत किया वहीं मोटरसाइकिल पर केसरिया झंडा लगाकर 'हर-हर मोदी, घर-घर योगी' के नारे लगाकर घूम रहे नौजवानों ने उल्लास को चर्मोत्कर्ष पर पहुंचा दिया। गोरखपुर ही नहीं पूर्वांचल का बच्चा-बच्चा इस जश्न में डूबा रहा। पहली बार ऐसा संयोग आया है कि गोरखपुर शहर होली और दिवाली की खुशी एक साथ मना रहा था। 
सूबे की सत्ता पर योगी का राज कायम होने के बाद शहर की आम जनता इस रविवार को ऐतिहासिक बनाने के लिए सड़कों पर उतर आई। सभी वर्ण-वर्गों के लोगों ने चेतना तिराहे पर सहभोज किया तो योगी की कट्टर हिंदूवादी छवि को दरकिनार कर मुसलमानों ने उत्साह दिखाया। कई घरों, मोहल्लों में मोमबत्तियां जलाकर होली के साथ दीपावली भी मनाई गई। सूर्य प्रताप शाही के मंत्री बनने पर पथरदेवा में मिठाइयां बंटी तो जयप्रकाश के राज्यमंत्री बनने पर रुद्रपुर में रंग, गुलाल उड़े। सिद्धार्थनगर से जय प्रताप सिंह के कैबिनेट मंत्री बनने पर बांसी के राजमहल चंगेरा पैलेस में खुशियां चरम पर दिखीं। कुशीनगर के पडरौना में भी स्वामी प्रसाद मौर्य के मंत्री बनने पर मिठाइयां बांटते हुए योगी-योगी के नारे लगाए गए। बस्ती की सड़कें भी भगवा ब्रिगेड के नारों से गूंजती रहीं। 
उम्मीदें अब आसमान पर 
यूं तो गोरक्षप्रांत (गोरखपुर, बस्ती, आजमगढ़ मंडल) ने वीरबहादुर सिंह, सुचेता कृपलानी, रामनरेश यादव, त्रिभुवन नारायण सिंह और एक दिन के लिए ही सही जगदंबिका पाल (असंवैधानिक) के रूप में उत्तर प्रदेश को कई मुख्यमंत्री दिए हैं, लेकिन पहली बार एक ऐसी कद्दावर शख्सियत के हाथ में सूबे की कमान मिली है, जिससे विकास की नई इबारत लिखने की उम्मीदें आसमान पर हैं। 
सीएम की सुरक्षा टीम मंदिर पहुंची 
मुख्यमंत्री का कैंप कार्यालय और मिनी आवास माने जा रहे गोरखनाथ मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था रातोंरात बदल गई। लखनऊ से गोरखपुर पहुंची सीएम की सुरक्षा टीम ने सर्किट हाउस में पुलिस अफसरों से वार्ता के बाद पूरे मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। खास तौर पर योगी के आवासीय इलाके में गैर जरूरी सभी लोगों को अब बाहर करने की तैयारी शुरू हो गई है। हालांकि अभी इसको लेकर अभी काम चल रहा है। 
झूम उठी काशी
काशी में भी पार्टी कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर जमकर उल्लास मनाया और एक दूसरे का मुंह मीठा कराकर खुशियां बांटीं। तमाम संगठनों की ओर से इस तरह के आयोजन देर शाम तक होते रहे। वहीं, ग्राम्यांचलों में भी उल्लास देखा गया।