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यूपी में PRD जवानों का ड्यूटी भत्ता बढ़ा, परिवार को 500000 तक के कैशलेस इलाज की भी मिलेगी सुविधा; सरकारी आदेश जारी

Published: Fri, 18 Sep 2026 07:14 PM (IST)

प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवानों का दैनिक ड्यूटी भत्ता बढ़ाकर 600 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है। इसके साथ ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

HighLights

  1. पीआरडी जवानों का दैनिक ड्यूटी भत्ता 600 रुपये प्रतिदिन हुआ।

  2. परिवार को 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी।

  3. शासनादेश जारी, सुविधा सेवाकाल तक ही मान्य रहेगी।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। प्रान्तीय रक्षक दल (पीआरडी) के जवानों को अब ड्यूटी भत्ता 600 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मिलेगा। साथ ही पीआरडी और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को प्रति परिवार सालाना पांच लाख रुपये तक कैशलेस चिकित्सा सुविधा भी मिलेगी। शुक्रवार को शासनादेश जारी होने के साथ यह व्यवस्था लागू हो गई है।

पिछले वर्ष अप्रैल में पीआरडी स्वयंसेवकों का दैनिक ड्यूटी भत्ता 395 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये किया गया था। अब इसमें 100 रुपये की और बढ़ोतरी हुई है। भत्ते से संबंधित 12 नवंबर 2013 के शासनादेश की अन्य शर्तें पहले की तरह लागू रहेंगी। कैशलेस इलाज की सुविधा साचीज (स्टेट एजेंसी फार कम्प्रीहेन्सिव हेल्थ इंटीग्रेटेड सर्विसेज) के माध्यम से दी जाएगी।

पीआरडी और उनके आश्रित आयुष्मान के तहत राजकीय अस्पतालों और साचीज से संबद्ध निजी अस्पतालों में भर्ती होकर इलाज करा सकेंगे। इलाज की दरें प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना में तय दरों के अनुसार होंगी। वर्तमान में विभागीय पोर्टल पर 31,130 पीआरडी स्वयंसेवक पंजीकृत हैं। इनके लिए 3000 रुपये वार्षिक प्रीमियम के हिसाब से करीब 9.34 करोड़ रुपये सालाना खर्च आएगा।

तीन माह करनी होगी ड्यूटी

वहीं, पीआरडी में स्वीकृत 87,255 पदों के सापेक्ष सभी पात्र स्वयंसेवकों को शामिल करने पर अनुमानित वार्षिक वित्तीय भार 26.17 करोड़ रुपये होगा। कैशलेस सुविधा के लिए स्वयंसेवक को संबंधित वित्तीय वर्ष में कम से कम तीन माह ड्यूटी करनी होगी।

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केंद्र या राज्य सरकार की किसी अन्य स्वास्थ्य योजना, जैसे आयुष्मान भारत या मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान से पहले से आच्छादित स्वयंसेवक और उनके परिवार को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। सुविधा केवल सेवाकाल तक मिलेगी।

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सेवा समाप्त होने पर आयुष्मान कार्ड निरस्त कर दिया जाएगा। युवा कल्याण विभाग को हर वर्ष पात्र स्वयंसेवकों और उनके आश्रितों का विवरण साचीज को उपलब्ध कराना होगा, ताकि समयबद्ध तरीके से कार्ड जारी किए जा सकें।