विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

लखनऊ में छह मंजिला अपार्टमेंट का पिलर टूटा, लोगों को लगा भूकंप आया; सुरक्षित निकाले गए 25 परिवार

Published: Mon, 28 Sep 2026 05:47 PM (IST)

Pillar of Building Collapsed: छह मंजिला अपार्टमेंट का पिलर टूट गया और तेज आवाज के साथ इमारत के खिसकने जैसा ...और पढ़ें

HighLights

  1. बिल्डिंग में 24 फ्लैट, ईंट लगाकर दिया गया सहारा

  2. अस्थायी उपाय तलाशने के लिए टेक्निकल टीम को बुलाया, सामने की बिल्डिंग भी खाली कराई

  3. एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पीडब्ल्यूडी, एलडीए और नगर निगम की टीमें पहुंचीं

जागरण संवाददाता, लखनऊ: गोलागंज के बारूदखाना में सोमवार सुबह छह मंजिला अपार्टमेंट का पिलर टूट गया और तेज आवाज के साथ इमारत के खिसकने जैसा महसूस होने पर अंदर मौजूद परिवारों को भूकंप आने का अंदेशा हुआ।

लोग बिना दरवाजे बंद किए परिवार समेत बाहर की ओर भागे। पुलिस ने अपार्टमेंट में मौजूद 25 परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। एहतियात के तौर पर सामने की बिल्डिंग भी खाली करा दी गई। इसके बाद तीन दिशाओं में बैरिकेडिंग कर करीब 50 मीटर का क्षेत्र सील कर दिया गया।

वजीरगंज के वकील अहमद और मौलवीगंज के शहाबुद्दीन ने वर्ष 2014 में अपार्टमेंट का निर्माण कराया था। बिल्डिंग में कुल 24 फ्लैट हैं। तीन फ्लोर पर चार-चार और दो फ्लोर पर पांच-पांच फ्लैट हैं। पांचवीं मंजिल पर रहने वाले दवा कारोबारी सैयद शारिक हासिमी ने बताया कि सुबह करीब 11 बजे वह दुकान जाने की तैयारी कर रहे थे।

अचानक ऐसा लगा जैसे बहुत तेज भूकंप आ गया हो। वह परिवार को लेकर बिना दरवाजा बंद किए सीधे नीचे आ गए। उनके साथ डॉ. लोहानी, मुकेश सक्सेना और मसूद जिलानी समेत अन्य परिवार भी बाहर निकल आए। लोगों ने बताया कि बिल्डिंग का एक पिलर टूट गया है और पीछे की तरफ गैप हो गया है।

सूचना मिलते ही वजीरगंज थाने के इंस्पेक्टर राजेश त्रिपाठी पुलिस टीम के साथ पहुंचे और एक-एक कर सभी लोगों को बाहर निकलवाया। इसके बाद लोगों ने आनन-फानन ईंट मंगवाई और टूटे पिलर के अगल बगल लगाकर सपोर्ट दिया, ताकि बड़ी घटना को रोका जा सके।

घटनास्थल पर जिलाधिकारी विशाख जी, संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था बबलू कुमार समेत एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पीडब्ल्यूडी, नगर निगम और एलडीए की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। जिम्मेदार विभागों की टीमें भवन को सुरक्षित करने के उपाय तलाश रही हैं।

बनाई छठी मंजिल तो हुई कमजोर

बिल्डिंग में रहने वाले लोगों ने बताया कि डेढ वर्ष पहले छठी मंजिल बना दी। उसके बाद से बिल्डिंग कमजोर हुई है। पिछले छह महीने से बिल्डिंग की स्थिति को लेकर शिकायत कर रहे थे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि समय रहते मरम्मत कराई जाती तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती।

अचानक कहां जाएंगे, यह समझ नहीं आ रहा

लखनऊ विश्वविद्यालय में सीनियर असिस्टेंट मोहम्मद फरहान ने बताया कि पहली और चौथी मंजिल पर उनके दो फ्लैट हैं। एक में माता-पिता और दूसरे में परिवार रहता है। उन्होंने कहा कि अंदर पूरी गृहस्थी पड़ी है और अब अचानक कहां जाएंगे, यह समझ नहीं आ रहा। एक पल के लिए लगा कि शायद बाहर निकल भी नहीं पाएंगे।

छह महीने से कर रहे थे शिकायत 

ठेकेदार इसरार ने बताया कि वह छह महीने से शिकायत कर रहे थे। उनके मुताबिक बिल्डिंग दिन-प्रतिदिन कमजोर हो रही थी और ऊपर से छठी मंजिल बनाए जाने के बाद स्थिति और खराब हो गई। उनका कहना है कि दूसरा घर नहीं है, इसलिए अब परिवार को कहां रखेंगे, यह चिंता बनी हुई है।

जीवनभर की कमाई फ्लैट में लगाई

मोहम्मद हसीब ने बताया कि 2014 में फ्लैट लिया था। कुछ वर्ष रहने के बाद उसे किराये पर देकर सामने वाली बिल्डिंग में रहने लगे। उन्होंने कहा कि जीवनभर की कमाई फ्लैट में लगाई थी और अब उसे वापस मिल पाना भी अनिश्चित लग रहा है।

यह भी पढ़ें- लखनऊ में पांच मंजिला एसए अपार्टमेंट का पिलर टूटा, एसडीआरएफ की टीम ने लोगों को निकाला

यह भी पढ़ें- लखनऊ में भी युवती से छेड़खानी, पुलिस लिखी कार से दो किमी तक किया युवती का पीछा