पीलीभीत वोटर लिस्ट गड़बड़ी मामला, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने वर्तमान और पूर्व DM से जवाब किया तलब
पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आने के बाद मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने वर्तमान और पूर्व जिला निर्वाचन अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।
HighLights
पीलीभीत वोटर सूची में बड़ी गड़बड़ी उजागर हुई।
13,779 गलत प्रविष्टियां, 10,470 स्वीकृत हुईं।
वर्तमान, पूर्व डीएम से मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने जवाब मांगा।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। मतदाता सूची में एक मतदाता के पहचान पत्र (इपिक) के नंबर पर दूसरे मतदाता का विवरण दर्ज होने का मामला अब जिला निर्वाचन अधिकारियों की जवाबदेही तक पहुंच गया है। पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हुई इस गड़बड़ी की जांच में 13,779 फार्मों की त्रुटिपूर्ण प्रविष्टि सामने आई है।
इनमें से 10,470 फार्म स्वीकृत भी कर दिए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने पीलीभीत के वर्तमान और पूर्ववर्ती जिला निर्वाचन अधिकारी (डीएम) से स्पष्टीकरण मांगा है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने शुक्रवार को दोनों डीएम से जवाब-तलब किया है। यह मामला इस वर्ष 31 मई से 29 अगस्त के बीच का है जब पीलीभीत विधानसभा क्षेत्र में ये गड़बड़िया सामने आईं थीं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने पूर्व डीएम ज्ञानेन्द्र सिंह व वर्तमान डीएम आलोक कुमार का स्प्ष्टीकरण मांगा है।
ज्ञानेन्द्र इस समय बलिया में डीएम हैं। जांच में पाया गया कि गलत तरीके से दर्ज किए गए 13,779 फार्मों में से 10,470 को स्वीकृति दे दी गई। यानी बड़ी संख्या में त्रुटिपूर्ण आवेदनों को सत्यापन और निगरानी के स्तर पर भी नहीं पकड़ा जा सका।
प्रकरण को गंभीर मानते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और मैनुअल आन इलेक्टोरल रोल्स, 2023 में जिला निर्वाचन अधिकारियों के लिए निर्धारित दायित्वों के आधार पर दोनों अधिकारियों से जवाब मांगा गया है।
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मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची की शुद्धता और विश्वसनीयता बनाए रखना जिला निर्वाचन अधिकारियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी तरह की त्रुटि या अनियमितता मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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