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लखनऊ PGI के एनेस्थिसियोलॉजी विभाग में बढ़ेंगे 18 डॉक्टर, 3 नए DM कोर्सों को लेकर भी आया बड़ा अपडेट

Published: Sat, 10 Oct 2026 11:14 PM (GMT+05:30)

संजय गांधी पीजीआइ लखनऊ में एनेस्थीसिया विभाग अब ऑपरेशन थिएटर से परे पेरिऑपरेटिव देखभाल प्रदान करेगा, जिससे मरीजों की रिकवरी तेज होगी और जटिलताएं कम होंगी।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

HighLights

  1. एनेस्थीसिया टीम अब पूर्ण पेरिऑपरेटिव देखभाल प्रदान करेगी।

  2. विभाग में 18 नए फैकल्टी सदस्य शामिल किए जाएंगे।

  3. पीडियाट्रिक, पेन, ट्रांसप्लांट एनेस्थीसिया में नए DM कोर्स।

जागरण संवाददाता, लखनऊ। संजय गांधी पीजीआइ में अब एनेस्थीसिया टीम सिर्फ आपरेशन थिएटर में बेहोश करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सर्जरी से पहले से लेकर बाद तक मरीज की पूरी देखभाल करेगी। पेरिआपरेटिव मेडिसिन के इस नए मॉडल से इलाज की गुणवत्ता बढ़ेगी। जटिलताएं कम होंगी और रोगियों की तेजी से रिकवरी होगी।

शनिवार को एनेस्थिसियोलाजी विभाग के 39वें स्थापना दिवस समारोह के मौके पर विभाग के प्रमुख प्रो. संजय धीराज और प्रो. सुजीत गौतम ने बताया कि अक्सर एक ही मरीज में कई बीमारियां होती हैं, जिसके लिए उसे कई विभागों में भेजना पड़ता है, इसमें समय लगता है और मरीज की स्थिति खराब हो जाती है।

दर्द प्रबंधन और आइसीयू केयर करेगी एक ही टीम 

नए माडल में मरीज की परेशानी कम कर उसे जल्द से जल्द सर्जरी लायक बनाया जाएगा। आपरेशन से पहले जोखिम का आकलन और मरीज को आप्टिमाइज करना, प्री-आपरेटिव मैनेजमेंट, आपरेशन के दौरान एनेस्थीसिया और बाद में दर्द प्रबंधन व आइसीयू केयर एक ही टीम करेगी।

अस्पताल में रहने का समय घटेगा और रिकवरी तेज होगी। इसके लिए क्वार्टरनरी केयर में 120 बेड की व्यवस्था भी की जा रही है। प्रो. संदीप खुबा ने बताया कि विभाग में कार्डियक और न्यूरो एनेस्थीसिया में डीएम कोर्स पहले से चल रहे हैं और अब जल्द ही पीडियाट्रिक, पेन और ट्रांसप्लांट एनेस्थीसिया में तीन नए डीएम कोर्स शुरू किए जाएंगे।

एमडी छात्रों के लिए सिमुलेटर आधारित ट्रेनिंग भी बढ़ाई जा रही है। इस मौके पर संस्थान के निदेशक प्रो. आर.के. धीमान ने विभाग की उपलब्धियों की सराहना की और शिक्षकों व छात्रों से जिम्मेदारी के साथ कर्तव्य निर्वहन का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि एनेस्थीसिया विभाग में संकाय सदस्यों की संख्या जल्द ही 42 से बढ़ाकर 60 की जाएगी यानी 18 नए फैकल्टी जुड़ेंगे।

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इससे सर्जरी की संख्या बढ़ेगी, ऑपरेशन की वेटिंग कम होगी और आईसीयू केयर बेहतर होगा। समारोह में बोधिसत्व यूनिवर्सिटी के प्रो-वाइस चांसलर व एम्स पटना के पूर्व निदेशक प्रो. पीके सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस मौके पर निदेशक प्रो. आरके धीमान मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एनेस्थीसिया विभाग के प्रो. देवेंद्र गुप्ता समेत कई डाक्टर व नर्सिंग स्टाफ मौजूद रहे।