NRHM घोटाला: आय से अधिक संपत्ति के मामले में पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव पर ED का शिकंजा, केस दर्ज
पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव उर्फ ज्ञानेंद्र प्रताप की मुश्किलें बढ़ गई हैं, ईडी ने एनआरएचएम घोटाले और आय से अधिक ...और पढ़ें

HighLights
ईडी ने पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया।
विजिलेंस ने आय से अधिक संपत्ति मामले में उन्हें पहले गिरफ्तार किया था।
ईडी अब धन के स्रोत और काली कमाई के हस्तांतरण की जांच करेगी।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। बहुचर्चित राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) घोटाले और आय से अधिक संपत्ति के मामले में आरोपित पूर्व विधायक मुकेश श्रीवास्तव उर्फ ज्ञानेंद्र प्रताप की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उनके खिलाफ मनी लान्ड्रिंग के मामले में केस दर्ज किया है। इससे पहले विजिलेंस ने भ्रष्टाचार के मामले में उनके खिलाफ केस दर्ज किया था।
विजिलेंस ने पूर्व विधायक को पिछली 10 जून को आय से अधिक संपत्ति के मामले में लखनऊ के वेब माल से गिरफ्तार किया था। विजिलेंस की जांच के अनुसार, निर्धारित अवधि में आरोपित की वैध आय करीब 1.12 करोड़ रुपये थी, जबकि संपत्तियां खरीदने और भरण-पोषण आदि पर करीब 1.80 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इस तरह आय के ज्ञात स्रोतों से करीब 67.30 लाख रुपये अधिक खर्च किए जाने का मामला सामने आया था।
एनआरएचएम घोटाले से जुड़े मामलों में श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा और बहराइच में स्वास्थ्य योजनाओं के तहत कराए गए कार्यों और खरीद में कथित अनियमितताओं की जांच चल रही है। जांच में बिना काम कराए या आंशिक काम के बावजूद पूरा भुगतान, अधिक दरों पर खरीद और दवाओं की आपूर्ति में अनियमितताओं जैसे आरोपों की पड़ताल की जा रही है।
इसी आधार पर ईडी ने भी पूर्व विधायक के खिलाफ मनी लान्ड्रिंग के मामले में केस दर्ज किया है। पिछले दिनों ईडी ने विजिलेंस से अभी तक की जांच की रिपोर्ट मांगी थी। ईडी अब इस मामले में पूर्व विधायक के धन के स्रोत और उसके इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल करेगा।
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अभी तक की जांच में यह बात भी सामने आई है कि पूर्व विधायक और उनके करीबियों ने विभिन्न कंपनियों के माध्यम से काली कमाई को स्थानांतरित किया था। ईडी पूर्व विधायक के बैंक खातों और उनसे जुड़ी कंपनियों के बैंक खातों की भी जांच करेगा।
