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आजमगढ़ के नबील के बाद ATS ने एक और संदिग्ध आतंकी को किया गिरफ्तार, ऑनलाइन ले रहा था बम बनाने की ट्रेनिंग

Published: Wed, 16 Sep 2026 08:11 PM (IST)

एटीएस ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन अलकायदा इन इंडियन सब-कांटीनेंट से जुड़े एक और संदिग्ध आतंकी मकसूद अली को कोयंबटूर से गिरफ्तार किया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

HighLights

  1. एटीएस ने अलकायदा से जुड़े मकसूद अली को कोयंबटूर से पकड़ा।

  2. संदिग्ध आतंकी बम बनाने का ऑनलाइन प्रशिक्षण ले रहा था।

  3. मकसूद पाकिस्तानी हैकरों और आतंकियों के संपर्क में था।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन अलकायदा इन इंडियन सब-कांटीनेंट से जुड़े एक और संदिग्ध आतंकी को तमिलनाडु के कोयंबटूर से गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार संदिग्घ आतंकी की पहचान सिद्धार्थनगर स्थित थाना बांसी के ग्राम मधवापुर सिसहनिया निवासी 19 वर्षीय मकसूद अली के रूप में हुई है। आरोपित पाकिस्तानी आतंकियों के संपर्क में था और बम बनाने से लेकर आतंकी गतिविधियों का आनलाइन प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा था।

एडीजी अमिताभ यश ने बताया कि एटीएस ने पिछली 12 सितंबर को आजमगढ़ से संदिग्ध आतंकी मोहम्मद नबील को गिरफ्तार किया था। नबील अलकायदा के लिए काम कर रहा था। उसने कई अन्य युवाओं को व्हाट्सएप पर बनाए गए ग्रुुपों पर जोड़ा था।

कोडिशिया मैदान क्षेत्र से किया गिरफ्तार 

नबील से पूछताछ में एटीएस को अलकायदा से जुड़े मकसूद और अन्य युवाओं की जानकारी मिली थी। इसके बाद से एटीएस मकसूद पर नजर रख रहा था। इसी दौरान एटीएस को सूचना मिली ती मकसूद तमिलनाडु में सक्रिय है। नतीजतन उसे तमिलनाडु एटीएस के सहयोग से पिछली 14 सितंबर को कोयंबटूर के कोडिशिया मैदान क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है।

उन्होंने बताया कि आरोपितों ने अपने साथ जुड़े युवाओं को आधुनिक हथियारों का प्रशिक्षण दिलाने की योजना भी बनाई थी। अभी तक की जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपितों ने भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए विभिन्न राज्यों के युवाओं के साथ विदेशियों को भी जोड़ा था।

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आरोपित नबील और अन्य लोगों के साथ मिलकर भारत के खिलाफ हिंसात्मक जिहादी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रच रहा था। पूछताछ में उसने पाकिस्तान के हैकरों के संपर्क में रहने की बात स्वीकार की है। गिरफ्तार आरोपित को अंतरिम अभिरक्षा पर लखनऊ लाया गया है।

‘कैप्टन एम नेटवर्क’ सहित अन्य ग्रुप बनाए थे

एटीएस की जांच में यह बाात सामने आई है कि आरोपित ने पाकिस्तानी हैकरों की मदद से ‘कैप्टन एम नेटवर्क’ नाम से सुरक्षित मोबाइल एप्लीकेशन (एप) भी तैयार किया था। इसी के माध्यम से आरोपित एक दूसरे से बात (चैट) करते थे।

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आरोपितों ने ‘एक प्लेटफार्म एक मकसद, यूनिटी प्लान एंड एक्शन’ नामक आनलाइन समूह भी बनाए थे। साथ ही व्हाट्स एप पर ‘यूयू इंट्री गेट’ ‘यूनाइटेड उम्माह’ ‘गजवा-ए-हिंद’‘टीम ब्लैक हैट’व ‘लश्कर-ए-मेंहदी’ नामक ग्रुुप बनाए थे। इन ग्रुपों पर पाकिस्तानी हैकरों के अलावा कई पाकिस्तानी आतंकी भी जुड़े हैं। आरोपित ने इंटरनेट के माध्यम से पाइथन, जावा और कोडिंग तथा हैकिंग का काम सीखा था।