नवनिर्वाचित राज्यसभा सदस्य प्रियंका सिंह रावत ने लिया प्रमाण पत्र, बोलीं- BJP ही दे सकती है साधारण कार्यकर्ता को बड़ी जिम्मेदारी
Priyanka Singh Rawat: प्रियंका सिंह रावत ने इसका श्रेय भाजपा को दिया और कहा कि सिर्फ हमारी पार्टी ही साधारण कार्यकर्ता को बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है।

राज्यसभा सदस्य के निर्विरोध निर्वाचित प्रत्याशियों में से एक प्रियंका सिंह रावत
HighLights
भाजपा तो कार्यकर्ता आधारित पार्टी है जिसमें एक कार्यकर्ता ही शीर्ष
सिर्फ भाजपा ही दे सकती है साधारण कार्यकर्ता को बड़ी जिम्मेदारी
डिजिटल डेस्क, लखनऊ : भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी के रूप में राज्यसभा सदस्य के आठ निर्विरोध निर्वाचित प्रत्याशियों में से एक प्रियंका सिंह रावत ने शुक्रवार को अपना प्रमाण पत्र प्राप्त किया। प्रियंका सिंह रावत ने इसका श्रेय भाजपा को दिया और कहा कि सिर्फ हमारी पार्टी ही साधारण कार्यकर्ता को बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है।
उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए नवनिर्वाचित सदस्यों को यूपी विधान भवन में शुक्रवार को चुनाव सर्टिफिकेट मिले। भाजपा प्रत्याशी प्रियंका सिंह रावत ने कहा कि मुझ जैसी साधारण कार्यकर्ता को बड़ी जिम्मेदारी मिली है। मैं लोकसभा के बाद अब राज्यसभा के सदस्य रूप में अब उच्च सदन यानी राज्यसभा में पहुंची हूं।
यह सिर्फ भाजपा में देखने को मिलता है। भाजपा तो कार्यकर्ता आधारित पार्टी है जिसमें एक कार्यकर्ता कहीं तक भी पहुंच सकता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कहीं कोई शक नहीं है कि 2027 में उत्तर प्रदेश में पूर्ण बहुमत की भाजपा सरकार बनेगी।

सबसे कम उम्र की सांसद भी बनीं
प्रियंका सिंह रावत वर्ष 2014 में बाराबंकी से लोकसभा सदस्य बनीं थी। उस समय उनको सबसे कम उम्र की सांसद बनने का गौरव मिला था। प्रियंका सिंह रावत ने बाराबंकी से पहला चुनाव 2014 में भाजपा के टिकट पर लड़ा था। मोदी लहर में चार लाख 54 हजार 214 वोट पाकर कांग्रेस के सांसद डा. पीएल पुनिया को दो लाख 11 हजार 878 मतों के अंतर से हराया था।
प्रोफाइल
नाम: प्रियंका सिंह रावत
जन्मतिथि: 7 अगस्त 1985
पति: रघुनाथ (आईआरएस अधिकारी)
माता-पिता: श्रीमती प्रभा सिंह व श्री उत्तम राम सिंह
शिक्षा: स्नातकोत्तर।
बाराबंकी से लोकसभा सदस्य बनने के बाद उन्होंने श्रीराम कालोनी में मकान बनाया। इसके बाद 2019 में टिकट कटने पर समर्थकों ने असंतोष जताया था, उन्होंने धैर्य से काम लिया। पार्टी ने बाद में प्रियंका प्रदेश महामंत्री और फिर प्रदेश उपाध्यक्ष का दायित्व दिया।
