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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 10, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

मुलायम सिंह ने मायावती के कार्यकाल में किया था छोटे बजट सत्र का विरोध, विधानसभा में इस दिन दिया था अंतिम भाषण

By Jagran NewsEdited By: Umesh Tiwari
Published: Mon, 10 Oct 2022 10:09 PM (IST)

Mulayam Singh Yadav News मुलायम सिंह यादव ने कहा कि विधानसभा ऐसा मंच है जहां जनता की रोजमर्रा की समस्याएं ...और पढ़ें

मुलायम सिंह यादव ने मायावती सरकार में 20 फरवरी, 2009 को विधानसभा में अंतिम भाषण दिया था।
मुलायम सिंह यादव ने मायावती सरकार में 20 फरवरी, 2009 को विधानसभा में अंतिम भाषण दिया था।

UP News: लखनऊ, राज्य ब्यूरो। मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) ने मायावती सरकार (Mayawati Government) में 20 फरवरी, 2009 को विधानसभा में अंतिम भाषण दिया था। उस समय उन्होंने छोटे बजट सत्र का सदन में विरोध किया था। उस समय मुलायम नेता प्रतिपक्ष थे। वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में मुलायम सांसद चुन लिए गए थे। मुलायम ने विधानसभा में कहा था कि ...यह ठीक है कि कार्य मंत्रणा समिति ने छोटे बजट सत्र को स्वीकार कर लिया है, लेकिन मुझे इस पर आपत्ति है, आखिर कैसे यह स्वीकार कर लिया गया? बजट सत्र इसी सरकार के कार्यकाल में इतना छोटा होता है।

मुलायम सिंह यादव ने कहा कि विधानसभा ऐसा मंच है जहां जनता की रोजमर्रा की समस्याएं भी रखी जाती हैं और घटनाएं आ जाती हैं तो उनका भी जिक्र होता है। यहां पर अपने-अपने कार्यों के बारे में, विकास के बारे में कमियों के बारे में सदस्यों को अवसर मिलता है।

मुझे आश्चर्य होता है कि यह एक लोकतांत्रिक मंच है जहां पर सदस्य अपने क्षेत्र और प्रदेश की समस्याओं को रखते हैं। इतना छोटा सत्र होना बहुत ही अनुचित है। इस विशाल उत्तर प्रदेश की विशाल विधान सभा के बारे में कहा जाता है कि कभी-कभी संसद भी इसका अनुकरण करती है।

इसका आदर्श इतिहास रहा है, लेकिन आज हमें ऐसा लगता है कि जो गिरावट आई है हर स्तर पर आई है। यह गिरावट कम से कम अध्यक्ष महोदय आप तो न होने दीजिए। 90 दिन का सदन चलना चाहिए, अगर नहीं तो कम से कम 60-70 दिन का चलता ही रहा है। इतना छोटा सदन सिर्फ इसी सरकार में चलता है।

मुलायम सिंह यादव ने कहा कि विधायक अपने क्षेत्रों में जाकर क्या बताएंगे, कि आपने विधानसभा में जाकर क्या किया और क्यों इतना संक्षिप्त सत्र चलवाया? इतना संक्षिप्त सत्र चलाने पर मैं इस सरकार की निंदा करता हूं। यह सरकार हर स्तर पर लोकतांत्रिक परंपराओं का हनन कर रही है। हमारा इस पर विरोध है।

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