लखनऊ जेल की क्वारंटीन बैरक में मॉडल श्रद्धा दुबे और बहन रश्मि, पीछे छूटी सारी चमक-दमक
Shraddha Dubey In Lucknow Jail: लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की हत्या के केस में उसकी लिव इन पार्टनर श्रद्धा ...और पढ़ें

रश्मि दुबे और मॉडल श्रद्धा दुबे

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, लखनऊ : कम समय में अधिक शोहरत पाने की खातिर ग्लैमर की दुनिया को अपनाने वाली श्रद्धा दुबे की ठिकाना अब लखनऊ जिला कारागार है। लिव इन पार्टनर शिवा शर्मा की मौत के बाद बहन रश्मि और ड्राइवर दानिश के साथ 11 दिन से फरार श्रद्धा दुबे को उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने नागपुर से गिरफ्तार किया। गुरुवार को श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि को दानिश के साथ दस दिन की न्यायिक हिरासत में लखनऊ जेल भेजा गया।
मॉडल श्रद्धा दुबे की ग्लैमर की दुनिया अब पीछे छूट गई है। हाई प्रोफाइल पार्टियों में विदेशी शराब और सिगरेट के साथ लग्जरी लाइफ के स्थान पर अब उसको जेल का रूटीन फॉलो करना पड़ेगा। जेल में श्रद्धा दुबे को क्वारंटीन बैरक में रखा गया है। उसको और बहन को अलग-अगल रखा गया है।
हाई-प्रोफाइल हत्यारोपित श्रद्धा दुबे की जेल में पहली रात पानी पीते-पीते बीती। पहली रात उसने सिर्फ पानी पिया और शुक्रवार सुबह दलिया खाया। गुरुवार देर शाम जेल पहुंचने के बाद श्रद्धा दुबे और उसकी बहन रश्मि ने पहली रात केवल पानी पीकर बिताई और शुक्रवार सुबह नाश्ते में दलिया खाया।
एक ही बैरक में अलग-अलग
श्रद्धा दुबे और उसकी बहन रश्मि दुबे को एक ही बैरक में अलग-अलग रखा गया है। चालक दानिश उर्फ तनवीर को अलग बैरक में रखा गया है। तीनों की सुरक्षा-व्यवस्था में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। डिप्टी जेलर की ड्यूटी लगाई गई है। जेलर ने बताया कि तीनों आरोपितों सामान्य कैदियों की तरह ही खाना व नाश्ता दिया जा रहा है।
पहले दिन मिलने आया कोई
मॉडल श्रद्धा दुबे से लखनऊ के साथ अन्य जगह पर जहां मिलने वालों की लाइन लगती थी, उससे शुक्रवार को लखनऊ जेल में मिलने कोई नहीं आया। श्रद्धा दुबे और उसकी बहन रश्मि दुबे के साथ ही चालक दानिश उर्फ तनवीर से भी कोई मिलने नहीं आया। शुक्रवार सुबह सात बजे उन्हें मीठी दलिया और चाय दी गई थी। सुबह 11 बजे खाने में साबूत उरद व राजमा की दाल, आलू और लौकी की सब्जी व रोटी-चावल दिया गया। तीनों ने नाश्ता किया और खाना खाया।
करीब दस दिन तक इसी बैरक में
कारोबारी शिवा शर्मा मौत मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे लखनऊ जेल की क्वारंटीन बैरक में है। जेल में नए बंदियों को करीब दस दिन तक इसी बैरक में रखा जाता है। क्वारंटीन बैरक में नए बंदियों को कुछ दिनों के लिए रखा जाता है, ताकि वो जेल के तौर तरीके सीख सकें। इस दौरान उनकी सेहत, मानसिक स्थिति और व्यवहार की निगरानी की जाती है। यह भी पता किया जाता है कि जेल में पहले से उनका कोई दुश्मन तो बंद नहीं है। आम दुनिया से जेल की दुनिया अलग होती है और जब कोई शख्य आम दुनिया से जेल में पहुंचता है। उसको वहां के तौर-तरीके समझने में कुछ समय लगता है।
