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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक के विरोध में उतरीं मायावती, बोलीं- संकीर्ण राजनीति छोड़ राष्ट्रधर्म निभाए सरकार

Published: Thu, 08 Aug 2024 03:14 PM (IST)

बसपा प्रमुख मायावती मोदी सरकार के वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक के विरोध में उतर आई हैं। मायावती ने कहा क‍ि ...और पढ़ें

बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती।- फाइल फोटो
बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती।- फाइल फोटो

HighLights

  1. वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक के विरोध में मायावती ने क‍िया पोस्‍ट
  2. कहा, ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर सरकार जल्दबाजी न करे तो बेहतर होगा

राज्य ब्यूराे, लखनऊ। बसपा प्रमुख मायावती ने केंद्र व उत्तर प्रदेश सरकार को संकीर्ण व स्वार्थ की राजनीति छोड़कर राष्ट्रधर्म निभाने की सलाह दी है। मोदी सरकार के वक्फ बोर्ड संशोधन विधेयक के विरोध में गुरुवार को सोशल मीडिया एक्ट पर किए गए पोस्ट में बसपा प्रमुख ने साफ लिखा है कि संसद में पेश वक्फ (संशोधन) विधेयक पर जिस प्रकार आशंकाएं एवं आपत्तियां सामने आई हैं, उसके मद्देनजर इस बिल को बेहतर विचार के लिए सदन की स्थायी (स्टैंडिंग) समिति को भेजना उचित होगा। ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर सरकार जल्दबाजी न करे तो बेहतर होगा।

सरकार राष्ट्रधर्म निभाए: मायावती

मायावती ने लिखा कि केंद्र व यूपी सरकार द्वारा मस्जिद, मदरसा, वक्फ आदि मामलों में जबरदस्ती की दखलंदाजी और मंदिर व मठ जैसे धार्मिक मामलों में अति-दिलचस्पी लेना संविधान व उसकी धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत के विपरीत है। सवाल उठाया कि ऐसी संकीर्ण व स्वार्थ की राजनीति क्या जरुरी है? सरकार राष्ट्रधर्म निभाए।

'अब सच्‍ची देशभक्‍त‍ि साब‍ित करने का समय'

एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा कि मंदिर-मस्जिद, जाति, धर्म व सांप्रदायिक उन्माद आदि की आड़ में कांग्रेस व भाजपा ने बहुत राजनीति कर ली और उसका चुनावी लाभ भी काफी उठा लिया, किंतु अब देश में खत्म हो रहा आरक्षण व गरीबी, बेरोजगारी, महंगाई, पिछड़ापन आदि पर ध्यान केंद्रित करके सच्ची देशभक्ति साबित करने का समय है।

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