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लखनऊ मेट्रो: देश का सबसे गहरा और डबल स्टोरी प्लेटफार्म वाला स्टेशन बनेगा पांडेयगंज, प्रोजेक्ट ने पकड़ी रफ्तार

Published: Wed, 14 Oct 2026 08:25 PM (IST)

पांडेयगंज लखनऊ का पहला और देश का सबसे गहरा व डबल स्टोरी प्लेटफार्म वाला मेट्रो स्टेशन बनेगा। यूपीएमआरसी ने ईस्ट-वेस्ट ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, लखनऊ। पांडेयगंज लखनऊ ही नहीं देश का पहला मेट्रो स्टेशन होगा, जहां प्लेटफार्म डबल स्टोरी का होगा। यहां मेट्रो ऊपर-नीचे आएंगी। पांडेयगंज देश का सबसे गहरा मेट्रो स्टेशन होगा। अब तक यह रिकार्ड हावड़ा मेट्रो स्टेशन के नाम दर्ज है। पांडेयगंज ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के जिस भूमिगत सेक्शन का स्टेशन होगा, उस सेक्शन का सिविल कार्य का टेंडर एक कंपनी को उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कारपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने दे दिया है।

चारबाग से वसंतकुंज तक ईस्ट वेस्ट मेट्रो कॉरिडोर के भूमिगत सेक्शन के निर्माण का टेंडर भी फाइनल हो गया है। यूपीएमआरसी ने 1632 करोड़ रुपये से चारबाग से चौक तक सात भूमिगत मेट्रो स्टेशनों के निर्माण के लिए कंपनी का चयन कर लिया है।

चारबाग मेट्रो स्टेशन से चौक मेट्रो स्टेशन तक लगभग 6.52 किमी लंबे भूमिगत सेक्शन के डिजाइन और निर्माण के लिए 1,632 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट के लिए एफकांस इंफ्रास्ट्रक्चर को चुना गया है। यह सबसे कम बोली लगाने वाली एल 1 कंपनी बनी। टेंडर प्रक्रिया में कुल पांच कंपनियों ने हिस्सा लिया था।

इनमें एफकांस इंफ्रास्ट्रक्चर, सैम इंडिया प्रोजेक्ट्स, लार्सन एंड टुब्रो, हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी और टाटा प्रोजेक्ट्स शामिल थीं। वित्तीय बिड 5 अक्टूबर 2026 को खोली गई थी। तकनीकी बिड के परीक्षण के बाद कंपनी को तीन साल में काम पूरा करने के लिए चुना गया।

सबसे बड़ी चुनौती पांडेयगंज मेट्रो स्टेशन

चारबाग से चौक तक सात भूमिगत स्टेशनों में सबसे कठिन कार्य पांडेयगंज स्टेशन पर होगा। जिस स्थान को स्टेशन के लिए चुना गया है, उसके एक ओर नाला और दूसरी तरफ रेल लाइन है। ऐसे में पांडेयगंज देश का सबसे गहरा मेट्रो स्टेशन बनेगा। यह स्टेशन 35 से 38 मीटर नीचे बनाया जाएगा।

अभी हावड़ा सबसे गहरा मेट्रो स्टेशन है, जो 33 मीटर नीचे बना है। पांडेयगंज पांच मंजिला स्टेशन होगा। माइनस पांच तल पर प्लेटफार्म बनेगा। माइनस चार पर कांकोर्स रहेगा। माइनस तीन पर नीचे के ठीक ऊपर प्लेटफार्म बनेगा। माइनस दो पर यात्रियों को आने और जाने के लिए कांकोर्स तैयार किया जाएगा। माइनस एक पर टिकटिंग जैसी सुविधाएं होंगी।

ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर प्रोजेक्ट एक नजर में

  • 5,801 करोड़ रुपये होगी कॉरिडोर की अनुमानित लागत
  • 11.12 किलोमीटर होगी ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर की लंबाई
  • 4.6 किलोमीटर होगा एलिवेटेड सेक्शन
  • 6.52 किलोमीटर का होगा भूमिगत सेक्शन
  • 5 एलिवेटेड स्टेशनों का 453 करोड़ का टेंडर जून में चयनित कंपनी को आवंटित
  • 7 भूमिगत स्टेशन के सिविल कार्य का 1632 करोड़ रुपये का टेंडर भी आवंटित
  • 90 किलोमीटर प्रति घंटा अधिकतम होगी गति
  • 2030 में पूरा हो जाएगा यह कॉरिडोर
  • 19.1426 हेक्टेअर स्थायी भूमि की पड़ेगी जरूरत

इतनी होगी मेट्रो स्टेशनों के बीच संभावित दूरी

क्र. कहां से कहां दूरी (मीटर) सेक्शन
1 चारबाग से गौतमबुद्ध मार्ग 864.527 भूमिगत
2 गौतमबुद्ध मार्ग से अमीनाबाद 1086.075 भूमिगत
3 अमीनाबाद से पांडेयगंज 804.830 भूमिगत
4 पांडेयगंज से सिटी रेलवे स्टेशन 1224.535 भूमिगत
5 सिटी रेलवे स्टेशन से मेडिकल चौराहा 817.434 भूमिगत
6 मेडिकल चौराहा से चौक 977.036 भूमिगत
7 चौक से ठाकुरगंज 1450.104 एलिवेटेड
8 ठाकुरगंज से बालागंज 997.266 एलिवेटेड
9 बालागंज से सरफराजगंज 1007.627 एलिवेटेड
10 सरफराजगंज से मूसाबाग 709.783 एलिवेटेड
11 मूसाबाग से वसंतकुंज 702.947 एलिवेटेड

कब क्या हुआ?

  • 27 सितंबर 2014 को ट्रांसपोर्टनगर-चारबाग मेट्रो सेक्शन का शिलान्यास
  • 5 सितंबर 2017 को इस सेक्शन पर कामर्शियल रन शुरू हुआ
  • 9 मार्च 2019 को चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट से मुंशीपुलिया तक दौड़ने लगी मेट्रो
  • 5 मार्च 2024 को उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के प्रस्ताव को स्वीकृति दी
  • 2025 मई माह में पब्लिक इनवेस्टमेंट बोर्ड ने भी स्वीकृति दी
  • 12 अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कैबिनेट ने स्वीकृति दी
  • 21 फरवरी 2026 को वित्त मंत्रालय से 2,883.93 करोड़ रुपये के बाहरी ऋण को स्वीकृति मिली

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