लखनऊ में झोपड़ी में बेटी के जन्मदिन का जश्न, खुशियों में राहगीर बने मेहमान; केक कटते देख PGI के टेक्नीशियन ने रोकी गाड़ी
लखनऊ की एक झोपड़पट्टी में मजदूर उमेश ने आर्थिक तंगी के बावजूद अपनी एक साल की बेटी का पहला जन्मदिन ...और पढ़ें

HighLights
मजदूर उमेश ने बेटी का पहला जन्मदिन मनाया।
झोपड़पट्टी में गुब्बारों, फूलों से सजावट की गई।
राहगीर PGI टेक्नीशियन अजीत सिंह भी शामिल हुए।
विनय तिवारी, लखनऊ। बेटी के जन्म पर मायूस होने वालों के लिए मजदूर उमेश की खुशियां एक मिसाल हैं। आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने अपनी एक साल की लाडली का पहला जन्मदिन धूमधाम से मनाया। नवरात्र के पहले दिन झोपड़पट्टी में अपनी झोपड़ी और आसपास की जगह को गुब्बारों व फूलों से सजाया। केक काटकर बेटी के जन्मदिन की खुशियां मनाईं। सजावट और जश्न देखकर वहां से गुजर रहे पीजीआई के टेक्नीशियन अजीत सिंह भी खुद को रोक नहीं पाए। उन्होंने गाड़ी रोकी और समारोह में शामिल होकर बच्ची को उपहार दिया और जन्मदिन की बधाई दी।
बच्ची के पीते देवेंद्र मजदूरी करके परिवार का भरण पोषण करते हैं। उनका घर गोरखपुर में है, लेकिन रोजगार के लिए लखनऊ में झोपड़ पट्टी बना कर रहते हैं। सीमित आमदनी के बीच बेटी का पहला जन्मदिन उनके लिए किसी त्योहार से कम नहीं था। पत्नी अंचन और मां ने भी सजावट से लेकर जन्मदिन की तैयारियों तक में हाथ बंटाया। छोटी सी झोपड़ी गुब्बारों से सजी तो परिवार की खुशियां देखते ही बन रही थीं।
केक कटते समय झोपड़ी को मोमबत्ती की रोशनी से उजागर किया फिर कुछ देर में माहौल तालियों और मुस्कान से भर गया। बच्ची की मां ने बताया शादी करीब दो साल पहले हुई थी। बेटी के जन्म से वह बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा, बेटी की मुस्कान ही मेरी सबसे बड़ी कमाई है। मजदूरी करके परिवार चलता है, लेकिन बेटी की खुशियों में कोई कमी नहीं आने देंगे हम।
बच्ची के पिता ने कहा कि अपनी हैसियत के अनुसार उसे हर खुशी देने की कोशिश करूंगा। नवरात्र के पहले दिन मेरी बेटी का पहला जन्मदिन पड़ा है इससे बड़ी खुशी क्या होगी माता रानी सब आगे अच्छा करेंगी। झोपड़पट्टी में सजे जन्मदिन समारोह को देखकर पीजीआई के टेक्नीशियन अजीत सिंह का रुकना भी इस खुशी में एक और रंग भर गया।
बिना बुलाए पहुंचे अजीत उनके दोस्त ने बच्ची को उपहार देकर आशीर्वाद दिया। एक अनजान परिवार की खुशियों में शामिल होता देख बर्थडे मना रहा यह परिवार और खुश हो गया। अजीत ने बच्ची की गोद में लेकर उसे उपहार दिए।
