लखनऊ में ATS और पुलिस अफसर बन पूर्व सरकारी कर्मी को 5 दिन तक रखा डिजिटल अरेस्ट, 35 लाख ठगे
साइबर जालसाजों ने लखनऊ में एटीएस और पुलिस अधिकारी बनकर एक सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी को आतंकी संपर्क का डर दिखाकर ...और पढ़ें

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HighLights
सेवानिवृत्त कर्मी से 35 लाख रुपये की ठगी।
एटीएस और पुलिस अधिकारी बनकर धमकाया।
पांच दिन तक 'डिजिटल अरेस्ट' में रखा।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। साइबर जालसाजों ने एटीएस और पुलिस अधिकारी बनकर सेवानिवृत्त सरकारी कर्मी को आतंकी संपर्क और मनी लांड्रिंग के मामले में फंसाने की धमकी दी। पांच दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखकर उनसे 35 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। इंस्पेक्टर शमीम अहमद ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
इंदिरानगर सेक्टर-14 निवासी 66 वर्षीय नंद किशोर ने बताया कि 24 अक्टूबर की दोपहर उन्हें फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को एटीएस अधिकारी बताते हुए कहा कि कुछ आतंकवादी पकड़े गए हैं और उनके पास से नंद किशोर के नाम का केनरा बैंक का एटीएम कार्ड मिला है। आरोप लगाया गया कि उसी खाते से मनी लांड्रिंग हो रही है। नंद किशोर ने आरोपों से इनकार किया तो जालसाज ने दूसरे नंबर से फोन कर जाली दस्तावेज भेजे।
उसने कहा कि बुजुर्ग होने और 40 वर्षों तक भारत सरकार में सेवा करने के कारण उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा रहा, लेकिन जांच पूरी होने तक वे निगरानी में रहेंगे। जालसाज ने मोबाइल पर वीडियो काल 24 घंटे चालू रखने और बैंक खातों की जांच की बात कही। साथ ही धमकाया कि किसी को जांच के बारे में बताने पर उन्हें गिरफ्तार कर सात वर्ष या उससे अधिक की सजा हो सकती है।
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आरोपितों ने 28 अक्टूबर तक नंद किशोर से बैंक खातों और एफडी की जानकारी लेकर 35 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। इसके बाद उनके फोन नंबर बंद हो गए। करीबियों को आपबीती बताने पर उन्हें ठगी का पता चला। नंद किशोर ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई।