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मोबाइल की किश्त न भरने पर युवक को बंधक बनाकर निकाला खून, दो रिकवरी एजेंट गिरफ्तार; मुख्य आरोपी पर 25000 का इनाम

Published: Thu, 17 Sep 2026 11:06 PM (IST)

मोबाइल की बकाया किस्त वसूलने के लिए फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंटों ने एक युवक को बंधक बनाकर उसका खून ...और पढ़ें

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HighLights

  1. रिकवरी एजेंटों ने मोबाइल किस्त के लिए युवक का खून बिकवाया।

  2. खून बेचकर मिली रकम से एजेंटों ने पार्टी की।

  3. दो एजेंट गिरफ्तार, मुख्य आरोपी पर 25 हजार का इनाम।

जागरण टीम, लखनऊ। मोबाइल की बकाया किस्त वसूलने के लिए फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंटों ने युवक को बंधक बनाकर उसका खून तक बिकवा दिया था। खून बेचने से मिले रुपये में से पेट्रोल का खर्च निकालने के बाद बची रकम से आरोपितों ने पार्टी की।

निगोहां पुलिस ने मामले में फाइनेंस कंपनी के दो आरोपितों अनिकेत सिंह उर्फ काका और सुशांत शर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। मुख्य आरोपित शुभम सिंह पर डीसीपी दक्षिणी मो. मुश्ताक ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। शुभम एक कंपनी में रिकवरी एजेंट का एरिया हेड है।

डीसीपी दक्षिणी के मुताबिक, राजारामखेड़ा गांव निवासी नेवल कुमार ने फाइनेंस पर 30,500 रुपये का मोबाइल खरीदा था। उसकी 2,607 रुपये की किस्त बकाया थी। आरोप है कि आठ सितंबर को शुभम सिंह अपने साथी के साथ युवक के घर पहुंचा। मोबाइल की किस्त जमा कराने के लिए उसे दुकान ले जाने का झांसा दिया और अपने साथ ले गए।

इसके बाद आरोपित युवक को बुद्धेश्वर स्थित समाधान चैरिटेबल ब्लड सेंटर ले गए। वहां डरा-धमकाकर उसका एक यूनिट खून निकलवाया गया। खून बेचने से मिले रुपये आरोपितों ने खुद रख लिए। खून निकलवाने के बाद आरोपित युवक को शुभम के घर ले गए। वहां करीब चार दिन तक बंधक बनाकर रखा। इस दौरान उससे घर के काम कराए गए।

आरोप है कि हथौड़ा पकड़ाकर दीवार का प्लास्टर भी तुड़वाया गया और मारपीट की गई। 12 सितंबर को पीड़ित के भाई राजू से आनलाइन 2,799 रुपये जमा कराने के बाद युवक को छोड़ा गया। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस से शिकायत की।

पांच हजार रुपये में खून निकलवाने की सेटिंग

डीसीपी ने बताया कि जांच में सामने आया है कि शुभम की पारा स्थित समाधान चैरिटेबल ब्लड सेंटर में सेटिंग थी। वह इसी तरह लोगों का खून निकलवाता था। इसके बदले उसे पांच हजार रुपये मिलते थे।

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पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों की निशानदेही पर तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। ब्लड सेंटर का ब्योरा भी जुटाया गया है। सेंटर संचालक फरार है, उसकी तलाश की जा रही है।

सुलह के बहाने जा रहे थे, पुलिस ने दबोचा

गुरुवार सुबह अनिकेत और सुशांत पीड़ित के घर सुलह-समझौते के लिए जा रहे थे। इसी दौरान निगोहां पुलिस ने दोनों को चमन चौराहे से गिरफ्तार कर लिया। मुख्य आरोपित शुभम की तलाश में उसके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।

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पुलिस मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका और ब्लड सेंटर में खून निकलवाने के पूरे नेटवर्क की भी जांच कर रही है।