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ये कैसी व्यवस्था...? जहां PWD बनवाने जा रहा सड़क, नगर निगम ने वहीं करा दिया पैचवर्क का टेंडर

Published: Fri, 16 Oct 2026 04:44 AM (IST)

लखनऊ में लोक निर्माण विभाग और नगर निगम के बीच तालमेल की कमी से विकास बजट का दुरुपयोग हो रहा ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

HighLights

  1. PWD ने सड़क निर्माण का टेंडर जारी किया।

  2. नगर निगम ने उसी सड़क पर पैचवर्क का टेंडर दिया।

  3. मुख्य अभियंता ने पैचवर्क टेंडर रद्द करने की बात कही।

जागरण संवाददाता, लखनऊ। विभागों में आपसी तालमेल न होने से विकास के बजट का बंदरबांट हो रहा है। इस्माइलगंज वार्ड (द्वितीय) में जिस सड़क को लोक निर्माण विभाग बनाने जा रहा है, उसी सड़क पर नगर निगम ने गड्ढों (पैचवर्क) करने का भी टेंडर कर दिया है।

लोक निर्माण विभाग ने छह सितंबर को इस्माइलगंज वार्ड (द्वितीय) के सनातननगर हरिशंकर ईश्वर देव महामंदिर से प्रारंभ होकर प्रशांत स्कूल संपर्क मार्ग तक सड़क निर्माण का टेंडर किया था, जिसका बजट करीब दो करोड़ था। बारिश के बाद सड़क का निर्माण चालू होना है।

इसी सड़क के एक भाग का पैचवर्क करने का टेंडर नगर निगम ने भी चार अक्टूबर को कर दिया है। इसमें किशोरी लाल चौराहा से डीके मैरिज लाल वाली भी सड़क है। जब सड़क ही बनाई जानी है तो पैचवर्क का टेंडर निकाला जाना अभियंताओं की भूमिका पर सवाल खड़े कर रहा है। नगर निगम के मुख्य अभियंता (सिविल) महेश चंद्र वर्मा का कहना है कि मामला जानकारी में आया है और पैचवर्क का टेंडर को निरस्त किया जाएगा।

नाममात्र का तारकोल का किया उपयोग

हर किसी को इंतजार था कि बारिश के बाद गड्ढों से मुक्ति मिलेगी। इस दिशा में काम भी शुरू किया गया और गड्ढों को भर भी दिया गया लेकिन मानकों की अनदेखी से अब गड्ढों से कंक्रीट बाहर आने लगी है। महंगे हो गए तारकोल को बचाने के लिए ठेकेदारों ने गिट्टियों से ही गड्ढों को भर दिया है और नाममात्र का तारकोल का उपयोग किया है।

ठीक से पटाई भी नहीं कि गई। लिहाजा अब गड्ढे से अब कंक्रीट सड़क पर आ गई है और वह दुर्घटना का कारण भी बन रही है जिस तरीके से गड्ढे भरे गए हैं वह सड़क के लेवल से थोड़ा सा ऊंचे हैं जिस कारण वहां वाहनों का असंतुलित होना स्वाभाविक है। लोक निर्माण विभाग ने काम ठेकेदारों को दे दिया है और ठेकेदार अपनी मनमानी से काम कर रहे हैं।

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डालीबाग मार्ग पर किए गए पैचवर्क इसका उदाहरण है, जहां पर जगह-जगह गड्ढों को भरा तो गया था लेकिन अब निर्माण सामग्री उखड़ गई है, लेकिन जिस तरीके से काम हो रहा है उसे लगता है कि ये गड्ढे फिर से दिखाई देने लगेंगे।