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लखनऊ एमएलसी चुनाव: आज खुलेगा 29 प्रत्याशियों के भाग्य का पिटारा, शिक्षक-स्नातक सीटों पर मतगणना

Published: Tue, 27 Oct 2026 12:01 AM (IST)

लखनऊ खंड शिक्षक और स्नातक एमएलसी सीटों के लिए मंगलवार को मतगणना होगी, जिसमें 29 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होगा।

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HighLights

  1. लखनऊ एमएलसी चुनाव परिणाम आज, 29 प्रत्याशियों का फैसला।

  2. रमाबाई रैली स्थल पर सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू।

  3. स्नातक सीट पर वरीयता क्रम से बदलेगा मतों का गणित।

जागरण संवाददाता, लखनऊ। विधान परिषद की लखनऊ खंड शिक्षक और स्नातक निर्वाचन सीटों पर किसके सिर जीत का सेहरा बंधेगा, इसका फैसला मंगलवार को होगा। दोनों सीटों के 29 प्रत्याशियों की किस्मत मतपेटियों में बंद मतपत्रों की गिनती के साथ खुलेगी। रमाबाई रैली स्थल पर मतगणना की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सुबह आठ बजे से शुरू होने वाली प्रक्रिया अंतिम परिणाम घोषित होने तक जारी रहेगी। शुरुआती रुझान दोपहर बाद आने की संभावना है।

मतगणना के लिए रमाबाई रैली स्थल पर दो हॉल निर्धारित किए गए हैं। हॉल नंबर सात में स्नातक और हॉल नंबर आठ में शिक्षक निर्वाचन सीट के मतों की गिनती होगी। शिक्षक सीट पर 13, जबकि स्नातक सीट पर 16 प्रत्याशी मैदान में हैं। दोनों हॉल में 14-14 टेबल लगाई गई हैं। प्रत्येक टेबल पर एक हजार मतपत्रों की गिनती की व्यवस्था की गई है।

मतगणना की शुरुआत मतपेटियों से निकले मतपत्रों की संख्या का बूथों पर पीठासीन अधिकारियों की ओर से भरे गए फार्म-16 से मिलान करके होगी। इसके बाद 50-50 मतपत्रों के बंडल तैयार कर बाक्स में रखे जाएंगे। इन्हीं बंडलों से टेबलवार मतों की गिनती शुरू होगी। पूरी प्रक्रिया निर्धारित व्यवस्था के तहत पूरी की जाएगी।

स्नातक सीट पर वरीयता क्रम से बदलेगा मतों का गणित

विधान परिषद की लखनऊ खंड स्नातक निर्वाचन सीट पर मतगणना में सिर्फ पहली गिनती के आंकड़े निर्णायक नहीं होंगे। मतपत्रों पर दर्ज वरीयता क्रम जीत और हार का समीकरण बदल सकता है। ऐसे में शुरुआती दौर में बढ़त बनाने वाला प्रत्याशी अंतिम परिणाम में पिछड़ भी सकता है। जीत के लिए निर्धारित मतों का कोटा हासिल करना जरूरी होगा।

स्नातक निर्वाचन में मतदाता अपनी पसंद के प्रत्याशियों के सामने पहली, दूसरी और आगे की वरीयता अंकित करते हैं। यदि पहली गिनती में कोई प्रत्याशी जीत के लिए जरूरी कोटा हासिल नहीं कर पाता है तो सबसे कम मत पाने वाले प्रत्याशी को बाहर कर दिया जाता है। इसके बाद उसके मतपत्रों पर दर्ज अगली वैध वरीयता के आधार पर मत दूसरे प्रत्याशियों को हस्तांतरित किए जाते हैं।

मतों के हस्तांतरण की यह प्रक्रिया आगे भी जारी रह सकती है। हर चरण में प्रत्याशियों के मतों का अंतर बदलने की संभावना रहती है। इसलिए शुरुआती बढ़त को जीत का संकेत मानना जल्दबाजी होगी। अंतिम नतीजे तक पहुंचने के लिए सभी जरूरी चरणों की गिनती पूरी करनी होगी।

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