लखनऊ जंक्शन पुनर्विकास प्रोजेक्ट में भारी लेटलतीफी, PNC कंपनी पर रेलवे की नरमी
लखनऊ और लखनऊ जंक्शन के 400 करोड़ के पुनर्विकास प्रोजेक्ट में पीएनसी कंपनी की लेटलतीफी और पांच माह से काम ...और पढ़ें

लखनऊ जंक्शन के प्लेटफार्म एक पर एयर कांकोर्स का पिलर लगाने के बाद पांच माह से बंद पड़ा काम। खुले प्लेटफार्म शेड के बीच गुजरते यात्री । जागरण
HighLights
लखनऊ जंक्शन पुनर्विकास प्रोजेक्ट पांच माह से बंद।
पीएनसी कंपनी पर रेलवे ने नहीं की कोई कार्रवाई।
400 करोड़ के प्रोजेक्ट का सिर्फ 40% काम पूरा।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। कानपुर एक्सप्रेसवे बनाकर विवादों में घिरी पीएनसी कंपनी पर रेलवे भी मेहरबान है। इस कंपनी ने दो अन्य कंपनियों के साथ मिलकर लखनऊ और लखनऊ जंक्शन के पुनर्विकास प्रोजेक्ट का टेंडर हासिल किया है।
करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे इस प्रोजेक्ट की गति बहुत धीमी है और पांच माह से काम बंद है। लखनऊ जंक्शन पर एयर कांकोर्स के लिए छह प्लेटफार्मों के शेड हटाकर केवल दो पर खंभे खड़े कर दिए गए हैं।
प्लेटफार्म का रास्ता भी संकरा हो गया है। लेटलतीफी के बाद भी रेलवे पीएनसी और उसकी सहयोगी दोनों कपंनियों को नोटिस तक जारी नहीं कर पाया है।
वर्ष 2016 में लखनऊ स्टेशन और लखनऊ जंक्शन को मिलाकर इसे विश्वस्तरीय बनाने की योजना स्वीकृत की इस योजना का मार्च 2018 में शिलान्यास किया गया था।
अक्टूबर 2022 में रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए ) ने करीब 400 करोड़ रुपये का टेंडर ज्वाइंट वेंचर कंपनी को सौंपा। इसमें दक्षिण भारत की आरपीपी, वैगमाइन और उनके साथ पीएनसी शामिल है। पीएनसी का प्रोजेक्ट में सबसे अधिक दखल है। इस प्रोजेक्ट को जहां दिसंबर 2024 में पूरा हो जाना चाहिए था, उसका 40 प्रतिशत काम ही अब तक हो सका है।
आनंद नगर की ओर नया स्टेशन भवन का निर्माण, उसको एयर कांकोर्स से लखनऊ स्टेशन के सात और लखनऊ जंक्शन के छह प्लेटफार्म से जोड़ने के साथ एक स्काई वाक सैलून साइडिंग से लेकर चारबाग मेट्रो स्टेशन तक बनना था।
रस्मअदायगी करते रहे अफसर
इस प्रोजेक्ट की प्रगति का निरीक्षण करने के लिए कई बार रेलवे बोर्ड से लेकर जोनल मुख्यालय तक के अधिकारी आते रहे। लेकिन काम की गति बढ़ाने में आरएलडीए असफल रहा। पिछले दिनों 29 मई को प्लेटफार्म नंबर पांच पर शेड का एक हिस्सा गिर गया था। इसमें एक टीटीई और दो यात्री घायल हो गए थे। इस हादसे के बाद रेलवे ने टीम गठित की, तब लखनऊ स्टेशन पर काम में कुछ तेजी आयी।
लखनऊ जंक्शन पर काम बंद
रेलवे ने मार्च में लखनऊ जंक्शन के छह प्लेटफार्मों पर ब्लाक लेकर एयर कांकोर्स का काम शुरू किया था। करीब ढाई माह तक कई ट्रेनों को निरस्त किया गया। कंपनी ने प्लेटफार्म छह और एक पर कास्ट आयरन के पिलर स्थापित किए हैं। अब भी प्लेटफार्म दो व तीन, चार व पांच का काम शुरू नहीं हुआ है। प्लेटफार्म एक व छह पर बैरिकेडिंग लगाने का रास्ता संकरा हो गया है। गोल्फ कार्ट के गुजरने से टक्कर का खतरा बना रहता है। बारिश में खुले शेड से यात्रियों को भीगते हुए गुजरना पड़ता है।
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गेंद पाले में डाल रहे अधिकारी
पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ जंक्शन के पीआरओ हिमांशु राव का कहना है कि यह प्रोजेक्ट आरएलडीए कर रहा है, आरएलडीए के अधिकारी काम में देरी को लेकर कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। उत्तर रेलवे के डीआरएम सुनील कुमार वर्मा कहते हैं कि उनके यहां लखनऊ स्टेशन पर काम तेज हुआ है।
