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लखनऊ में 150 किलो क्षमता वाले ड्रोन का प्रशिक्षण शुरू, निगरानी और डिलीवरी में होगा इस्तेमाल

Published: Tue, 03 Nov 2026 05:29 AM (IST)

आईसीसीएमआरटी लखनऊ में 150 किलो क्षमता वाले ड्रोन के पायलट प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।

HighLights

  1. आईसीसीएमआरटी ने 150 किलो क्षमता के ड्रोन प्रशिक्षण का शुभारंभ किया।

  2. ड्रोन रेल ट्रैक निगरानी, दवा व खाद छिड़काव में सहायक होंगे।

  3. आरपीएफ, फायर ब्रिगेड सहित कई विभागों को मिलेगा प्रशिक्षण।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। इंस्टीट्यूट आफ कोआपरेटिव एंड कारपोरेट मैनेजमेंट रिसर्च एंड ट्रेनिंग (आईसीसीएमआरटी) अब 150 किलो तक क्षमता वाले ड्रोन को चलाने का प्रशिक्षण देगा। सोमवार को सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर ने संस्थान में मध्यम श्रेणी के ड्रोन पायलट प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

पहले दिन से ही संस्थान ने रेलवे सुरक्षा बल के जवानों को 150 किलो क्षमता के ड्रोन को चलाने का प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया। मंत्री ने घोषणा की कि सहकारिता विभाग मंडल मुख्यालय वाले जिले की एक बहुद्देशीय प्राथमिक कृषि ऋण समिति (एम-पैक्स) को एक ड्रोन और एक ई-रिक्शा देगा। दूसरे चरण में प्रत्येक जिले और तहसील को ड्रोन मुहैया कराए जाएंगे।

प्रशिक्षण की मान्यता मिलना बड़ी उपलब्धि

इंदिरा नगर स्थित परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री ने नवनिर्मित डिजिटल लाइब्रेरी, अत्याधुनिक जिम और डिजिटल कांफ्रेंस हाल का लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा कि संस्थान को नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) से 150 किलोग्राम तक क्षमता के ड्रोन पायलट प्रशिक्षण की मान्यता मिलना बड़ी उपलब्धि है।

इस मान्यता के बाद रेलवे सुरक्षा बल, फायर ब्रिगेड, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और प्रदेश पुलिस के जवान भी यहां प्रशिक्षण ले सकेंगे। अब तक 25 किलो तक क्षमता वाले ड्रोन का प्रशिक्षण दिया जाता था। जिससे 747 महिलाओं को ड्रोन पायलट का प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

इन कामों में होगा उपयोग

उन्होंने कहा मध्यम श्रेणी के ड्रोन से रेल ट्रैक की निगरानी, दवाइयों और अन्य वस्तुओं के परिवहन तथा आपातकाल में राहत सामग्री पहुंचाने जैसे काम किए जा सकेंगे। इनका उपयोग थर्मल निगरानी, औद्योगिक संयंत्रों और पावर ट्रांसमिशन लाइनों के निरीक्षण, बड़े भूभाग की मैपिंग, फसलों में कीटनाशक व उर्वरक छिड़काव और फसल आकलन में भी होगा। विभागीय प्रमुख सचिव अजय कुमार शुक्ला ने छात्र-छात्राओं को राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

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