विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बरेली के मशहूर शायर वसीम बरेलवी के नाम एक और बड़ी उपलब्धि, ग्वालियर में 21 नवंबर को मिलेगा बड़ा सम्मान

Published: Thu, 15 Oct 2026 11:45 PM (GMT+05:30)

अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शायर वसीम बरेलवी को ग्वालियर की आइटीएम यूनिवर्सिटी 21 नवंबर को मानद उपाधि से सम्मानित करेगी। यह ...और पढ़ें

मशहूर शायर वसीम बरेलवी

मशहूर शायर वसीम बरेलवी

HighLights

  1. उपलब्धि पर बोले शायर-बरेली के एक कलमकार को इतना बड़ा सम्मान मिलना गर्व की बात

जागरण संवाददाता, बरेली। शायरी जब दिलों को छूकर सरहदों के पार पहुंचती है, तो वह केवल अल्फाज नहीं, बल्कि शहर की पहचान भी बन जाती है। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शायर प्रो. वसीम बरेलवी ने अपनी शायरी से बरेली को दुनिया भर में अलग पहचान दिलाई है।

अब उनके साहित्यिक योगदान को ग्वालियर की आइटीएम यूनिवर्सिटी सम्मानित करेगी। विश्वविद्यालय 21 नवंबर को उन्हें मानद उपाधि से नवाजेगा। इस उपलब्धि से साहित्य जगत के साथ बरेली में भी खुशी का माहौल है।

वसीम बरेलवी के लिए यह सम्मान उनके दशकों लंबे साहित्यिक सफर और शायरी के प्रति समर्पण की पहचान है। उनकी रचनाओं में मोहब्बत, इंसानियत, रिश्तों की गहराई और जिंदगी के अनुभव सहजता से अभिव्यक्त होते हैं।

यही वजह है कि उनकी शायरी मुशायरों से निकलकर आम लोगों की जुबान तक पहुंची है। बरेली कालेज के पूर्व प्रोफेसर वसीम बरेलवी वर्ष 2011 से 2014 तक नेशनल काउंसिल फार प्रमोशन आफ उर्दू लैंग्वेज के वाइस चेयरमैन रहे।

वर्ष 2013 में उन्हें उत्तर प्रदेश सरकार ने यश भारती पुरस्कार से सम्मानित किया। साहित्य के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए वर्ष 2016 में उन्हें विधान परिषद का सदस्य मनोनीत किया गया। उनके मार्गदर्शन में अब तक 10 शोधार्थी पीएचडी कर चुके हैं।

32 साल की उम्र में हुआ था ऐतिहासिक जश्न

वसीम बरेलवी के साहित्यिक सफर में छह फरवरी 1972 का दिन खास रहा। महज 32 वर्ष की उम्र में उनके सम्मान में 'जश्न-ए-वसीम बरेलवी' का भव्य आयोजन किया गया।

सीमित संसाधनों के दौर में हुए इस आयोजन पर 1.40 लाख रुपये खर्च हुए थे। दिग्गज गायक महेंद्र कपूर ने मुंबई से आकर उनकी गजलों को अपनी आवाज दी थी। इस आयोजन ने बरेली की साहित्यिक पहचान को नई ऊंचाई दी।

इस जश्न में मिले सम्मान को वसीम बरेलवी ने अपने माता-पिता रफिया बेगम और शाहिद हसन के चरणों में समर्पित कर दिया था। वर्ष 2009 में अमेरिका के ह्यूस्टन में उन्हें 'अली सरदार जाफरी अदबी एजाज' से भी नवाजा गया।

बोले- बरेलीवासियों का साथ मेरी ताकत

मानद उपाधि मिलने पर वसीम बरेलवी ने कहा कि बरेली के एक कलमकार को इतना बड़ा सम्मान मिलना गर्व की बात है। प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय ने उनके जीवन की उपलब्धियों को पहचानकर सम्मान दिया, इसके लिए वह आभारी हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि बरेलीवासियों के लिए भी हर्ष का विषय है, जिन्होंने हर कदम पर उनका साथ दिया।

यह भी पढ़ें- बरेली के नए SP सिटी बने IPS चिराग जैन: आजमगढ़ में 6000 चोरी के मोबाइल ढूंढकर जीता था DGP मेडल, जानें इनकी प्राथमिकताएं