विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

लखनऊ: बदमाशों ने 82 साल के बुजुर्ग को 23 दिन तक बनाए रखा डिजिटल अरेस्ट, 16 लाख का लगाया चूना

Published: Mon, 05 Oct 2026 08:40 PM (IST)

लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार में 82 वर्षीय बुजुर्ग को खुद को एटीएस अधिकारी बताकर जालसाजों ने 23 दिनों तक डिजिटल ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

HighLights

  1. 82 वर्षीय बुजुर्ग को 23 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा गया।

  2. एटीएस अधिकारी बनकर जालसाजों ने 16.09 लाख रुपये ठगे।

  3. मनी लॉन्ड्रिंग का डर दिखाकर खातों से पैसे ट्रांसफर कराए।

जागरण संवाददाता, लखनऊ। साइबर जालसाजों ने खुद को एटीएस अधिकारी बताकर गोमतीनगर विस्तार निवासी 82 वर्षीय बुजुर्ग को 23 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा। उनके नाम के एटीएम कार्ड से 2.56 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन का दावा किया। मनी लांड्रिंग के मामले में गिरफ्तारी का डर दिखाकर 16.09 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा लिए।

पीड़ित विजय प्रकाश गुप्ता के पास तीन सितंबर को एक काल आई। काल करने वाले ने खुद को गोमतीनगर एक्सटेंशन से एटीएस अधिकारी बताया। उन्हें वीडियो काल पर कुछ अन्य लोगों से बात कराई। उनके नाम से जुड़े आइसीआइसीआइ बैंक के एटीएम कार्ड से 2.56 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन का दावा किया।

उन्होंने कहा कि यह कार्ड पुलवामा आतंकी हमले से जुड़ी एक रेड के दौरान बरामद हुआ है।जालसाजों ने खुद को वरिष्ठ अधिकारी बताते हुए कार्रवाई और जांच से बचाने का झांसा दिया। उनके चार बैंक खातों की पासबुक-चेकबुक की फोटो और आधार कार्ड की वीडियो फोटो मंगाई। कहा कि बैंक खातों में जितने पैसे हैं, उन्हें उनके बताए खातों में ट्रांसफर कर दें।

जांच पूरी होने पर पैसे और निर्दोष प्रमाण पत्र दे देंगे। उनके झांसे में आकर पीड़ित ने 15 सितंबर को 6.85 लाख रुपये और 17 सितंबर को 6.74 लाख रुपये आरटीजीएस के जरिए अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए। 25 सितंबर को जालसाजों के कहने पर पीड़ित ने 2.50 लाख रुपये एक और बैंक खाते में भेजे। रकम ट्रांसफर होने के बाद जालसाजों ने वाट्सएप संदेश और फोटो डिलीट कर दिए।

यह भी पढ़ें- लखनऊ: मनी लॉन्ड्रिंग के तीन दोषियों को कोर्ट ने सुनाई 4-4 साल की कैद, 50-50 हजार का जुर्माना भी लगाया

उनके नंबर भी बंद हो गए। इस पर पीड़ित को ठगी का शिकार होने की जानकारी हुई। उन्होंने 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। रविवार को साइबर क्राइम थाने मे मुकदमा दर्ज हुआ। इंस्पेक्टर आलोक राव ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।

बरतें सावधानी

  • पुलिस या जांच एजेंसी के नाम पर वीडियो काल आए तो घबराएं नहीं।
  • अनजान व्यक्ति के कहने पर वीडियो काल पर बने रहने से बचें।
  • फर्जी वारंट या नोटिस देखकर डरें नहीं।
  • परिवार के सदस्य या भरोसेमंद व्यक्ति को तुरंत जानकारी दें।
  • किसी के दबाव में आकर खाते में पैसे ट्रांसफर न करें।
  • ओटीपी, एटीएम पिन, पासवर्ड या आधार की जानकारी साझा न करें।
  • ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करें।
  • साइबर अपराध की शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर दर्ज करें।