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'74 की खरीद और 4,980 MRP', लखनऊ में सामने आया दवाओं की कीमतों का कड़वा सच

Published: Mon, 05 Oct 2026 02:00 AM (IST)

उत्तर प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों और निजी अस्पतालों की फार्मेसियों में दवाओं की खरीद कीमत और एमआरपी में भारी अंतर ...और पढ़ें

यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।

यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।

HighLights

  1. यूपीएफएसडीए ने 214 अस्पताल फार्मेसियों की जांच की।

  2. कुछ दवाओं का एमआरपी खरीद कीमत से 67 गुना अधिक।

  3. कैंसर दवाओं और चिकित्सा उपकरणों में भी बड़ा अंतर।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों और निजी अस्पतालों की फार्मेसियों में दवाओं की खरीद कीमत और पैक पर दर्ज अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) के बीच भारी अंतर सामने आया है। उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (यूपीएफएसडीए) विभाग की ओर से प्रदेश के 214 अस्पतालों की फार्मेसियों की जांच में कई चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। जांच में शामिल 130 दवाओं में से 36 का एमआरपी फार्मेसी की खरीद कीमत से दस गुना से भी अधिक पाया गया, जबकि कुछ दवाओं में यह अंतर करीब 67 गुना तक पाया गया।

जांच में यह बात भी सामने आई है कि गंभीर बैक्टीरियल संक्रमणों के उपचार में इस्तेमाल होने वाले पालीमिक्सिन-बी इंजेक्शन के एक ब्रांड की खरीद कीमत 74.09 रुपये दर्ज की गई, जबकि पैक पर इसका एमआरपी 4,980.94 रुपये था। यानी अंकित खुदरा मूल्य इंजेक्शन की खरीद कीमत से करीब 67 गुणा अधिक था। इसी दवा के दूसरे पैक की खरीद कीमत 90 रुपये और एमआरपी 4,528.10 रुपये दर्ज की गई।

इसी तरह टेरलिप्रेसिन इंजेक्शन की खरीद कीमत 56 रुपये मिली, जबकि इसका एमआरपी 3,050 रुपये था। फार्मेसियों की जांच में दवा-प्रतिरोधी संक्रमणों के उपचार में इस्तेमाल होने वाली कोलिस्टिन दवा की खरीद कीमत 210 रुपये और एमआरपी 9,702.31 रुपये दर्ज किया गया। वहीं, टाइगेसाइक्लिन इंजेक्शन की खरीद कीमत 154.54 रुपये के सापेक्ष एमआरपी 7,110.47 रुपये मिला।

दोनों दवाओं में एमआरपी खरीद कीमत से करीब 46 गुना अधिक रहा। मेरोपेनेम के अलग-अलग ब्रांडों में भी खरीद कीमत और एमआरपी का अनुपात 5.31 से 9.98 गुणा तक पाया गया। गंभीर फंगल संक्रमण के उपचार में इस्तेमाल होने वाली कैस्पोफंगिन दवा के एक ब्रांड की खरीद कीमत 800 रुपये और एमआरपी 21,230 रुपये था। दूसरे ब्रांड में 897.75 रुपये की खरीद कीमत के मुकाबले एमआरपी 19,892 रुपये दर्ज था।

कैंसर की दवाओं में 62 हजार से अधिक का अंतर
कैंसर की महंगी और जीवनरक्षक दवाओं में भी खरीद कीमत तथा एमआरपी के बीच बड़ा अंतर सामने आया है। बेवाकिजुमैब 400 मिलीग्राम इंजेक्शन की खरीद कीमत 7,541.10 रुपये थी, जबकि एमआरपी 69,995 रुपये दर्ज किया गया। इस तरह दोनों कीमतों के बीच 62,453.90 रुपये का अंतर था। इसके अलावा इनोंजा, सिम्युलेक्ट और कीट्रूडा जैसे इंजेक्शनों की खरीद कीमत भी उनकी एमआरपी से कम दर्ज की गई।

जांच में अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाले चिकित्सा उपकरणों की कीमतों में भी उल्लेखनीय अंतर मिला। तीन-वे स्टाप काक की खरीद कीमत 6.40 रुपये दर्ज की गई, जबकि इसका एमआरपी 163 रुपये था। इसी तरह एक अन्य उपकरण की खरीद कीमत 20.95 रुपये के मुकाबले एमआरपी 500 रुपये मिला।

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