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KGMU लखनऊ में अब सिर्फ पांच दिन का रक्त भंडार, कैंप घटने के कारण गहराया खून के स्टाक पर संकट

Published: Thu, 29 Oct 2026 12:58 PM (IST)

Blood Stock Crisis in KGMU: ब्लड बैंक में करीब 1400 यूनिट रक्त ही उपलब्ध है, जो मौजूदा खपत के हिसाब ...और पढ़ें

किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू)

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विकास मिश्र, लखनऊ : देश के सबसे बड़े और नामचीन सरकारी चिकित्सा संस्थान किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के ब्लड बैंक में रक्त का संकट फिर गहराने लगा है। रक्तदान शिविरों की संख्या में कमी आने से ब्लड बैंक में खून का भंडार लगातार घट रहा है।

अब यहां पर स्थिति यह है कि ब्लड बैंक में करीब 1400 यूनिट रक्त ही उपलब्ध है, जो मौजूदा खपत के हिसाब से महज पांच दिन के लिए ही पर्याप्त बताया जा रहा है। केजीएमयू में प्रतिदिन करीब 300 यूनिट खून की खपत है।

पिछले साल इसी अवधि में ब्लड बैंक के स्टोरेज में करीब 3000 यूनिट रक्त उपलब्ध रहता था। ऐसे में इस बार रक्त के भंडार में आधे से भी अधिक की कमी दर्ज की गई है। जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने के लिए अब रक्तदान पर निर्भरता बढ़ गई है।

रक्तदान शिविर ब्लड बैंक में उपलब्धता का प्रमुख माध्यम

रक्तदान शिविर ब्लड बैंक में रक्त की उपलब्धता का प्रमुख माध्यम हैं। विभिन्न संस्थानों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और अन्य समूहों की ओर से आयोजित शिविरों में बड़ी संख्या में लोग स्वैच्छिक रक्तदान करते हैं, लेकिन करीब एक साल से शिविरों की संख्या घटने से रक्त संग्रह प्रभावित हो रहा है।
जहां पिछले वर्ष हर दिन 10-15 कैंप होते थे, वहीं अब यह संख्या घटकर पांच-छह रह गई है। केजीएमयू में प्रतिदिन छह से सात हजार मरीजों की ओपीडी होती है। भर्ती के लिए 4400 बेड हैं, जो अक्सर समय भरे रहते हैं। ट्रामा सेंटर में सड़क दुर्घटनाओं में घायलों से लेकर विभिन्न विभागों में भर्ती सर्जरी, कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को रक्त और उसके विभिन्न अवयवों की जरूरत पड़ती है।

गंभीरता के कारण बार-बार रक्त की आवश्यकता

कई रोगियों को बीमारी की गंभीरता के कारण बार-बार रक्त की आवश्यकता होती है। केजीएमयू प्रशासन रक्तदान शिविर को लेकर गंभीर नहीं है। यह हाल तब है, जब पिछले दस दिनों में डेंगू मरीजों के आंकड़े में करीब 40 प्रतिशत तक उछाल आया है।
केस-एक : सुलतानपुर निवासी अरविंद सिंह ने बताया कि बहन ट्रामा सेंटर में भर्ती है। उसकी सर्जरी होनी है। हीमोग्लोबिन काफी कम है। दो बार ब्लड बैंक जा चुके हैं, लेकिन डोनर लाने की बात कहकर टाल दिया। ऐसी स्थिति में बुधवार को सर्जरी टालनी पड़ सकती है।
केस-दो : अमेठी निवासी विनय पटेल का कहना है कि भतीजी को गंभीर बीमारी है। पिछले 10 दिन में तीन यूनिट खून चढ़ चुका है। डाक्टर ने दो यूनिट खून और इंतजाम करने के लिए कहा है। सुबह से तीन बार ब्लड बैंक गए, लेकिन नहीं मिला। अब तो हमारे डोनर भी नहीं हैं।

अस्पताल            खपत (प्रतिदिन यूनिट में)      उपलब्ध (यूनिट में)

लोहिया संस्थान       100-125          2050

केजीएमयू             275-300          1400

 एसजीपीजीआइ       100-125         1400

कैंसर संस्थान          30-35               750

दीपावली के बाद शिविर की संख्या बढ़ाई जाएगी

केजीएमयू में ब्लड एंड ट्रांसफ्यूजन की विभागाध्यक्ष, प्रो. तूलिका चंद्रा ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से कई कालेजों एवं संस्थानों से संपर्क टूट गए थे, जिन्हें दोबारा जोड़ा जा रहा है। योजनाबद्ध तरीके से दीपावली के बाद शिविर की संख्या बढ़ाई जाएगी। फिलहाल, स्टाक में ए पाजिटिव खून की कमी है, जिसे रक्तदान के जरिये पूरा करने का प्रयास है।

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