नींद की कमी से भी आ सकता है हार्ट अटैक, नहीं जानते तो पढ़ लें यह खबर
वाराणसी में हार्ट इंडिया कॉन्क्लेव में विशेषज्ञों ने युवाओं में बढ़ती हृदय रोगों पर चिंता जताई। अनियमित जीवनशैली, तनाव और ...और पढ़ें

युवाओं में बढ़ रहा हार्ट अटैक का खतरा: विशेषज्ञ बोले, नींद की कमी और तनाव भी जिम्मेदार।
HighLights
100 से अधिक हृदय रोग विशेषज्ञों ने कॉन्क्लेव में भाग लिया।
युवाओं में अनियमित जीवनशैली से बढ़ रहे हार्ट अटैक।
जन्मजात हृदय रोगों के उपचार में नई तकनीकें प्रभावी।
जागरण संवाददाता, वाराणसी। हार्ट इंडिया कान्क्लेव-2026 आइएमए भवन चेतगंज में आयोजित किया गया था। इस दौरान देश भर से आए 100 से अधिक हृदय रोग विशेषज्ञों ने भाग लिया। आयोजन सचिव डा. आलोक कुमार सिंह ने बताया कि अनियमित जीवनशैली, तनाव, नींद की कमी और सिगरेट सेवन के कारण युवाओं में हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है।
किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के हृदय रोग विभाग के डा. अक्षय प्रधान ने कहा कि अस्पताल में भर्ती 20 हृदय रोगियों में से चार 40 वर्ष से कम आयु के होते हैं। पूर्व आइएमए अध्यक्ष डा. पीके सिंह ने कहा कि जन्मजात ह्रदय रोगों के उपचार में नई तकनीकों से इलाज बहुत आसान और कम रुपये में उपलब्ध है।
ह्रदय रोग में एंजियोप्लास्टी नए प्रकार के स्टेंट परमानेंट रहता है, दोबारा लगवाने की जरूरत नहीं पड़ती है। कार्यक्रम में डा. पीआर सिन्हा, डा. रजनी, डा. पियूष राय, डा. विकास अग्रवाल, डा. धर्मेन्द्र जैन, डा. आलोक सिंह और डा. विकास तिवारी सहित 36 विशेषज्ञों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए।
इससे चिकित्सकों को नवीनतम जानकारी मिली। तीन चिकित्सकों को सम्मानित भी किया गया। लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड डा. डीके अग्रवाल को, बेस्ट रिसीवर अवार्ड डा. प्रतिभा राय को औक सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए अपना घर आश्रम के डा. कुमार निरंजन को प्रदान किया गया।
धन्यवाद ज्ञापन प्रो. डा. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने दिया। आइएमए अध्यक्ष डा. अनुराग टंडन, सचिव डा. अरुण कुमार त्रिपाठी, डा. अखिलेश सिंह, डा. एके शर्मा, डा. गुलाब शंकर सिंह, डा. शैलेन्द्र कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
