KGMU मतांतरण : हार्ड डिस्क में गैर मुस्लिम महिला डॉक्टरों की अश्लील वीडियो रखता था डॉ. रमीज, जांच में मिले अहम सबूत
केजीएमयू मतांतरण प्रकरण के मुख्य आरोपी डॉ. रमीजुद्दीन उर्फ रमीज के पास से गैर-मुस्लिम महिला डॉक्टरों की अश्लील तस्वीरें और वीडियो मिले हैं।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।
HighLights
डॉ. रमीज के डिवाइस में मिलीं अश्लील तस्वीरें और वीडियो।
स्क्रीन रिकॉर्डिंग से महिलाओं को ब्लैकमेल कर मतांतरण का दबाव।
सरकारी शोध बजट के दुरुपयोग की भी हो रही है जांच।
अवनीश मिश्र, लखनऊ। केजीएमयू मतांतरण प्रकरण का मुख्य आरोपित डा. रमीजुद्दीन उर्फ रमीज बहुत शातिर है। वह गैर मुस्लिम महिला डाक्टरों व अन्य महिलाओं की अश्लील तस्वीरें और वीडियो हार्ड डिस्क में सुरक्षित रखता था। इंटरनेट मीडिया पर बातचीत के दौरान स्क्रीन रिकार्डिंग करता था। उनके जरिए ब्लैकमेल करके उन्हें मतांतरण के लिए धमकाता था। फारेंसिक रिपोर्ट से यह अहम साक्ष्य मिले हैं।
फारेंसिक रिपोर्ट के मुताबिक, एचपी कंपनी के लैपटाप के साथ मिली 500 जीबी की हार्ड डिस्क में पीड़िता की आपत्तिजनक तस्वीरें और अन्य महिलाओं के फोटो मिले। अलग-अलग फोल्डर में इनके वीडियो भी सुरक्षित रखे गए थे। इसी तरह एसर कंपनी के लैपटाप के साथ मिली 500 जीबी की दूसरी हार्ड डिस्क में भी पीड़िता और अन्य महिलाओं की तस्वीरें व वीडियो मिले।
रमीज के वीवो मोबाइल में पीड़िता और अन्य महिलाओं की तस्वीरों के साथ इंटरनेट मीडिया पर हुई बातचीत की स्क्रीन रिकार्डिंग मिली है। पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित कर हार्ड डिस्क सील कर मालखाने में जमा कराई है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इन तस्वीरों और वीडियो को किसने बनाया, क्या इन्हें दूसरे लोगों के साथ साझा किया गया। क्या इनके जरिये अन्य महिलाओं को भी ब्लैकमेल किया गया था।
सरकारी रिसर्च बजट या फेलोशिप की रकम का दुरुपयोग तो नहीं हुआ?
एसटीएफ की रिपोर्ट के मुताबिक, केजीएमयू के बायोकेमिस्ट्री विभाग के दो असिस्टेंट प्रोफेसर डा. अहमद और डा. कलीम पर मुस्लिम जूनियर रेजिडेंट डाक्टरों और रिसर्च स्कालर्स को मदद पहुंचाते हैं। इस बिंदु पर भी जांच केंद्रित है कि कहीं सरकारी शोध बजट या फेलोशिप की रकम का इस्तेमाल निर्धारित उद्देश्यों से अलग तो नहीं किया गया।
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एरा मेडिकल कालेज और इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में निवेश की भी पड़ताल की जा रही है। छह नवंबर को प्रस्तावित केजीएमयू की कार्यपरिषद बैठक में दोनों प्रोफेसरों के वित्तीय अधिकारों पर रोक लगाने के प्रस्ताव पर विचार हो सकता है।
यह है मामला
दिसंबर 2025 में केजीएमयू की एक महिला डाक्टर ने रमीजुद्दीन के खिलाफ मतांतरण के लिए दबाव बनाने, प्रताड़ना और दुष्कर्म समेत अन्य गंभीर आरोपों में रेजीडेंट डा. रमीज के खिलाफ चौक थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। बाद में एक अन्य महिला डाक्टर ने उसके ऊपर मतांरण का आरोप लगाया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एसटीएएफ को सौंपी गई।