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केजीएमयू मतांतरण मामला: एसटीएफ रिपोर्ट के बाद अनुशासनात्मक समिति गठित, 6 पर लटकी कार्रवाई की तलवार

By Jagran NewsEdited By: Shiv Govind Mishraa
Published: Sat, 07 Nov 2026 06:45 AM (GMT+05:30)

किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में मतांतरण प्रकरण पर एसटीएफ की जांच रिपोर्ट के आधार पर अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति गठित की गई है।

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HighLights

  1. केजीएमयू में मतांतरण प्रकरण पर एसटीएफ रिपोर्ट के बाद कार्रवाई।

  2. अनुशासनात्मक समिति गठित, 6 डॉक्टरों-कर्मचारियों पर लटकी कार्रवाई।

  3. समिति सात दिन में जांच पूरी कर शासन को रिपोर्ट भेजेगी।

जागरण संवाददाता, लखनऊ। किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) में मतांतरण प्रकरण में कार्रवाई की तैयारी है। विशेष कार्यबल (एसटीएफ) की जांच रिपोर्ट के आधार पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति गठित कर दी है, जो आरोपित डाक्टरों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करेगी। समिति में कुलपति और कुलसचिव के अलावा दो सेवानिवृत्त आइपीएस अधिकारी व दो सीनियर प्रोफेसर भी होंगे।

समिति सात दिन के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को भेजेगी। बैठक में शामिल एक सीनियर प्रोफेसर ने बताया कि कार्यपरिषद के सभी 19 सदस्यों ने इसे बेहद गंभीर मामला मानते हुए एक स्वर में कड़ी कार्रवाई पर सहमति जताई है। जांच के दायरे में तो कुल 13 लोग हैं, लेकिन पैथोलाजी विभाग के अध्यक्ष व दो डाक्टर समेत छह के खिलाफ अहम साक्ष्य मिले हैं जिसके आधार पर कार्रवाई हो सकती है।

शुक्रवार को कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद की अध्यक्षता में कार्यपरिषद की बैठक करीब एक घंटे तक चली, जिसमें मतांतरण प्रकरण पर एसटीएफ की रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा की गई। सूत्रों के अनुसार, कार्यपरिषद के सभी सदस्यों ने माना कि मतांतरण मामले से विश्वविद्यालय की छवि धूमिल हुई है। सदस्यों का कहना है कि जिन भी डाक्टर या कर्मचारियों के खिलाफ साक्ष्य हैं, उन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। ऐसा करने से भविष्य में ऐसी घटना को पुनरावृत्ति नहीं होगी।

कुलपति ने जताई सहमति

इस पर कुलपति ने भी सहमति जताई। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच समिति में दो सेवानिवृत्त आइपीएस अधिकारियों को शामिल करने का निर्णय लिया गया है। समिति एसटीएफ की रिपोर्ट में दर्ज तथ्यों, टिप्पणियों और साक्ष्यों का परीक्षण करेगी। संबंधित लोगों की भूमिका और विश्वविद्यालय के नियमों के उल्लंघन से जुड़े सभी पहलुओं की भी पड़ताल की जाएगी।

प्रवक्ता केजीएमयू प्रो. केके सिंह का कहना है कि समिति सभी तथ्यों, उपलब्ध साक्ष्यों व संबंधित पक्षों के बयानों का अध्ययन करेगी। एसटीएफ की रिपोर्ट में दर्ज टिप्पणियों और निष्कर्षों का स्वतंत्र रूप से परीक्षण किया जाएगा। वहीं शिक्षक संघ ने एसटीएफ की जांच रिपोर्ट पर तथ्यों के सत्यापन की मांग की है।

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शिक्षक संघ के महासचिव डा. संतोष कुमार की ओर से गुरुवार को कुलपति को भेजे पत्र कुछ शिक्षकों के नाम, विभाग और पदनाम का उल्लेख होने पर सवाल उठाए हैं। संघ का कहना है कि किसी भी शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई से पहले रिपोर्ट में दर्ज तथ्यों की पुष्टि और संबंधित व्यक्ति का पक्ष सुनना जरूरी है।

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