ISIS से 50 युवाओं को जोड़ा, क्रिप्टो करेंसी से होती थी फंडिग; UP ATS की पूछताछ में हारिस अली के खुलासे
एटीएस की पूछताछ में गिरफ्तार आतंकी हारिस ने खुलासा किया है कि आइसिस (ISIS) भारत में आतंकी गतिविधियों के लिए क्रिप्टो करेंसी के जरिए फंडिंग कर रहा था।


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राज्य ब्यूरो, लखनऊ। भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए आइसिस (ISIS) क्रिप्टो करेंसी में आतंकियों को फंडिंग कर रहा था।
आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) की पूछताछ में गिरफ्तार आतंकी हारिस ने इसका राजफाश किया है।
एटीएस के सूत्रों के अनुसार पूछताछ के दूसरे दिन आरोपित ने स्वीकार किया है कि उसने कई युवाओं को आइसिस के साथ जोड़ा था और उन्हें क्रिप्टो करेंसी में फंडिंग की जा रही थी।
हारिस को एटीएस ने आइसिस के लिए काम करने के आरोप में पिछले सप्ताह सोमवार को मुरादाबाद से गिरफ्तार किया था। सहारनपुर निवासी हारिस मुरादाबाद के एक मेडिकल कालेज से डेंटल की पढ़ाई कर रहा था। वह करीब डेढ़ वर्ष पहले आइसिस के साथ जुड़ा था।
ग्रुपों पर आइसिस की विचारधारा का प्रचार होता था
इस दौरान उसने 50 से अधिक युवाओं को इंटरनेट मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों पर ग्रुुप बनाकर आइसिस के साथ जोड़ा था। इन ग्रुपों पर आइसिस की विचारधारा का प्रचार-प्रसार किया जाता था। जो युवा आइसिस कि विचारधारा से प्रभावित होते थे उनका ब्रेनवाश कर उन्हें मुख्य ग्रुप में जोड़ा जाता था।
इस ग्रुुप में आइसिस के कई हैंडलर जुड़े थे। इनमें से हारिस सहित कुछ युवाओं को कश्मीर में आतंकी प्रशिक्षण के लिए भी भेजा गया था।
एटीएस के अधिकारियों ने बुधवार को हारिस से करीब पांच घंटे पूछताछ की है। इस दौरान एटीएस का मुख्य सवाल फंडिंग व आतंकी प्रशिक्षण को लेकर था।
हारिस ने बताया कि आइसिस से युवाओं को क्रिप्टो करेंसी में फडिंग की जाती थी, जिससे सरकार या सुरक्षा एजेंसियों की नजर न इस वित्तीय लेन-देन पर न पड़े।
कुछ युवाओं को क्रिप्टो करेंसी में राशि भेजने के बाद लक्ष्य दिया जाता था कि वह आइसिस के लिए काम करने वाले दूसरे एजेंटों को भारतीय रुपयों में राशि पहुंचाएं। एटीएस की एक टीम कल हारिस को मुरादाबाद व सहारनपुर लेकर जाएगी। एटीएस ने सोमवार को उसे पांच दिनों के रिमांड पर लिया था।
