गोरखपुर और बांदा में स्थापित होंगे नए औद्योगिक क्षेत्र, दोनों परियोजनाओं की DPR को मिली मंजूरी
गोरखपुर और बांदा में नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना को राज्य स्तरीय समिति ने मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं की डीपीआर स्वीकृत हुई है।

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HighLights
गोरखपुर-बांदा में नए औद्योगिक क्षेत्र स्थापित होंगे।
राज्य स्तरीय समिति ने डीपीआर को मंजूरी दी।
भारत औद्योगिक विकास योजना के तहत विकास।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। गोरखपुर व बांदा में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना की जाएगी। इस संदर्भ में मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में गठित राज्य स्तरीय समिति की बैठक में दोनों परियोजनाओं की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) को स्वीकृति दे दी गई है।
रिपोर्ट के अनुसार गोरखपुर में धुरियापार क्षेत्र में 102.35 करोड़ रुपये की लागत से 120 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा, जबकि बांदा में 378.82 करोड़ रुपये से 310.27 एकड़ में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक क्लस्टर (आइएमएलसी) का फेज दो विकसित किया जाएगा। दोनों परियोजनाओं को भारत औद्योगिक विकास योजना के तहत विकसित किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) द्वारा दोनों परियोजनाओं से संबंधित प्रस्ताव समिति को भेजे गए थे। समिति की स्वीकृति के बाद संबंधित डीपीआर राष्ट्रीय संचालन समिति से स्वीकृति प्राप्त करने के लिए केंद्र को भेजे जाएंगे।
औद्योगिक विकास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गोरखपुर में स्थापित होने वाले औद्योगिक क्षेत्र में औद्योगिक भूखंडों के अलावा, फ्लैटेड फैक्ट्री, वेयरहा उसिंग तथा कामन फैसिलिटी सेंटर जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
वहीं बांदा में आईएमएलसी फेज-2 में औद्योगिक, लॉजिस्टिक्स, वाणिज्यिक, आवासीय एवं सामाजिक अवसंरचना के विकास का प्रविधान किया गया है। बैठक में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव आलोक कुमार, सचिव विजय किरन आनंद, यूपीडा के एसीईओ शैलेन्द्र भाटिया सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
