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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 29, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बीआरडी मेडिकल कालेज के पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. राजीव मिश्र पत्नी सहित गिरफ्तार

By Dharmendra PandeyEdited By:
Published: Tue, 29 Aug 2017 02:58 PM (IST)Updated: Wed, 30 Aug 2017 12:09 PM (IST)

बाबा राघवदास मेडिकल कालेज, गोरखपुर के पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. राजीव मिश्र तथा उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा को गिरफ्तार कर लिया गया है।

बीआरडी मेडिकल कालेज के पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. राजीव मिश्र पत्नी सहित गिरफ्तार
बीआरडी मेडिकल कालेज के पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. राजीव मिश्र पत्नी सहित गिरफ्तार

लखनऊ (जेएनएन)। बाबा राघवदास मेडिकल कालेज, गोरखपुर के पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. राजीव मिश्र तथा उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा को गिरफ्तार कर लिया गया है। गोरखपुर के बाबा राघवदास मेडिकल कालेज त्रासदी में ऑक्सीजन समाप्त होने के कारण 40 बच्चों सहित 60 लोगों की मौत के मामले में इनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। 

उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने आज इनको कानपुर से इलाहाबाद जाते समय जीटी रोड पर गिरफ्तार कर लिया। एसटीएफ की टीम दोनों से अलग-अलग जगहों पर पूछताछ कर रही है। कानपुर के साकेत नगर में प्रतिष्ठित अधिवक्ता के घर से पूर्व प्राचार्य राजीव मिश्रा और उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा कुछ मशविरा लेने गए थे।

 

एस एस पी गोरखपुर सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने बीआरडी के फरार चल रहे पूर्व प्राचार्य राजीव मिश्र और उनकी पत्नी डाक्टर पूर्णिमा शुक्ला की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। एसएसपी गोरखपुर ने बताया कि एसटीएफ की टीम ने कानपुर से दोनों लोगों को गिरफ्तार किया है। उन्हें गोरखपुर लाया जा रहा है। दोनो लोग मेडिकल कालेज मामले में मुख्य आरोपी हैं। उनसे पूछताछ कर मामले में साक्ष्य जुटाए जाएंगे। हमारी टीम एसटीएफ के लगातार संपर्क में है। उन्होंने कहा कि अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी की कोशिश चल रही है।

 

 

बीआरडी मेडिकल कालेज में आक्सीजन की कमी से हुई 36 बच्चों की मौत के मामले में फरार चल रहे पूर्व प्राचार्य राजीव मिश्र को उनकी पत्नी डाक्टर पूर्णिमा शुक्ला को एसटीएफ ने कानपुर के साकेत नगर में एक प्रतिष्ठित अधिवक्ता के घर से गिरफ्तार कर लिया है। बच्चों की मौत के मामले में पूर्व प्राचार्य और उनकी पत्नी सहित 9 लोगों पर 23 अगस्त को लखनऊ  के हजरतगंज थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था। इस प्रकरण में यह पहली गिरफ्तारी है, बाकी अभियुक्त फरार हैं। गोरखपुर और लखनऊ एसटीएफ की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया है। एसपी मनोज तिवारी की टीम ने यह गिरफ्तारी उस समय की जब पूर्व प्राचार्य अपनी पत्नी के साथ कार से इलाहाबाद भागने की तैयारी कर रहे थे।

 

पूर्व प्राचार्य अपनी पत्नी के साथ कार से इलाहाबाद जाने की तैयारी कर रहे थे उसी समय यह करवाई हुई। गोरखपुर और लखनऊ एसटीएफ की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया है। एसपी मनोज तिवारी की टीम ने गिरफ्तारी की है।

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आज सुबह ही पुलिस और मेडिकल विभाग की टीम ने इसी प्रकरण में नामजद डॉ. कफील खान के घर भी छापेमारी करके तलाशी ली। टीम ने उनके घर से कुछ अहम दस्तावेज भी कब्जे में लिए हैं।

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क्या है पूरा मामला

बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 10 व 11 अगस्त को अधिक बच्चों की मौत होने के बाद गोरखपुर के जिलाधिकारी को जांच सौंपी गई थी। डीएम की रिपोर्ट में मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से लेकर कई अन्य जिम्मेदार डॉक्टरों को लापरवाही का तो दोषी माना गया था, लेकिन ऑक्सीजन की कमी की बात सामने नहीं आई थी।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलाधिकारी की रिपोर्ट पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में जांच समिति गठित कर एक हफ्ते में रिपोर्ट मांगी थी। मामले में कई स्तरों पर अधिकारियों की उदासीनता और लापरवाही की बातें सामने आई थीं।

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ऑक्सीजन की आपूर्ति करने वाली फर्म ने कॉलेज के प्राचार्य से लेकर महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा और अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा तक को कई पत्र भेजे थे, फिर भी किसी ने इसे गंभीरता से लेकर भुगतान के लिए तत्परता नहीं बरती।