विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

EPFO वेतन सीमा बढ़ने से 50 हजार कर्मचारियों को लाभ, बढ़ेगी पेंशन

Published: Sat, 19 Sep 2026 07:36 AM (IST)

केंद्र सरकार ने ईपीएफओ की वेतन सीमा 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह कर दी है, जिससे लखनऊ ...और पढ़ें

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है। जागरण

HighLights

  1. ईपीएफओ वेतन सीमा 15 हजार से बढ़कर 25 हजार हुई।

  2. लखनऊ मंडल के 50 हजार से अधिक कर्मचारियों को लाभ।

  3. सेवानिवृत्ति पर अधिक धनराशि, बढ़ी पेंशन और बीमा।

जागरण संवाददाता, लखनऊ। केंद्र सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के तहत वेज सीलिंग यानी वेतन सीमा 15 से बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह किया है। लखनऊ मंडल में करीब 50 हजार से अधिक कर्मचारियों को मिलेगा, क्योंकि उनके भविष्य निधि की कटौती बढ़ जाएगी, जो सेवानिवृत्त होने पर बड़ी पूंजी के रूप में मिलेगी, साथ ही पेंशन बढ़ेगी और कर्मचारी बीमा की राशि भी बढ़ जाएगी।

अभी तक नियोक्ता कर्मचारियों का वेतन 15 हजार से कुछ बढ़ाकर तय करते थे, ताकि उन्हें पीएफ की कटौती न करना पड़े। इस पर भी विराम लग जाएगा।

17 सितंबर से पहले तक वेज सीलिंग का स्लैब 15 हजार रुपये रहा है। अधिकांश संस्थानों में कोई अधिकारी या कर्मचारी यदि 30 हजार रुपये वेतन पा रहा था, तब भी उसकी पीएफ कटौती 15 हजार रुपये के आधार पर 1800 रुपये से अधिक करने के लिए बाध्य नहीं था। अब उसकी 25 हजार रुपये पर 3000 रुपये पीएफ कटौती अनिवार्य रूप से होगी।

अंशदान कटौती बढ़ने से सेवानिवृत्त होने पर पेंशन व बीमा भुगतान राशि में भी बढ़ोतरी होगी। कई संस्थान ऐसे भी है जो कर्मचारी को मिल रहे वेतन के अनुसार पीएफ का 12 प्रतिशत अंशदान कटौती करके नियमित रूप से जमा कराते थे। उनकी कटौती में भले ही बदलाव नहीं होगा लेकिन, पेंशन का निर्धारण 15 हजार से बढ़कर 25 हजार रुपये पर होगा।

क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त प्रथम अश्विनी कुमार गुप्ता ने पत्रकारों को बताया, कई संस्थान ऐसे हैं जो जानबूझकर कर्मचारियों का वेतन 15 हजार रुपये से बढ़ाकर तय करते थे ताकि उन्हें पीएफ की कटौती न करना पड़े। ऐसे संस्थानों को भी अब कटौती करनी होगी। लखनऊ मंडल के रायबरेली, लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, लखनऊ व बाराबंकी जिले में अभी तक पांच लाख 35 हजार कर्मचारियों की पीएफ कटौती हो रही थी, अब अंशदान देने वालों की संख्या 50 हजार और बढ़ सकती है।

इससे प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत प्रथम बार पंजीकृत होने वाले कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलेगा। भविष्य निधि आयुक्त आशीष कुमार ने बताया, स्कूल-कालेज, हास्पिटल व कंस्ट्रक्शन कंपनियों को लक्ष्य करके पीएफ कटौती के लिए प्रेरित कराया जा रहा है, ताकि लोगों की सामाजिक सुरक्षा बढ़ सके।

इस तरह बढ़ी वेतन सीमा

  • वर्ष 2000 से पहले - 5000
  • 2001 से 2014 - 6500
  • 2014 से - 15000
  • 17 सितंबर से - 25000

ऐसे होगा पेंशन निर्धारण
पेंशन वाली सेवा (इस वर्ष से फलां वर्ष तक) के साथ पेंशन वाला वेतन यानि वेतन सीमा स्लैब के अनुसार जोड़ना होगा और उसे 70 से भाग देना है। मसलन, किसी ने 6500 वेतन सीमा के स्लैब में 10 साल, 15000 वेतन सीमा के स्लैब में 10 साल काम किया तो दोनों के सेवा वर्ष और उन वर्षों में मासिक वेतन सीमा की धनराशि को जोड़कर 70 से भाग देने पर जो धनराशि आएगी वह पेंशन के रूप में मिलेगी।

यह भी पढ़ें- लखनऊ-नोएडा और गोरखपुर में फूड सेफ्टी की रेड: 233 फास्ट फूड बनाने वाली रसोइयों में मिले चूहे-फंगस और बासी नॉनवेज

बीमा कटौती 75 से बढ़कर 125 होगी
ईपीएफओ की बीमा कटौती आधा प्रतिशत के हिसाब से 75 रुपये थे, अब वेतन सीमा बढ़ने से यह 125 रुपये होगी। दुर्घटना होने पर सात लाख रुपये का भुगतान मिलता है साथ ही एक साल की सेवा पर भी दुर्घटना होने पर ढाई लाख रुपये देने का नियम है।

यह भी पढ़ें- गोरखपुर में पिछड़ी जातियों का बड़ा गणित, आरक्षित सीटों पर बनी हुई है निगाह