यूपी में बिजली संकट कम हुआ: रात की कटौती अब सिर्फ आधे घंटे, 3 दिन में 3300 मेगावाट उत्पादन
उत्तर प्रदेश में बिजली संकट काफी हद तक कम हो गया है, पिछले तीन दिनों में 3300 मेगावाट उत्पादन बढ़ने ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
तीन दिन में 3300 मेगावाट बिजली उत्पादन बढ़ा।
रात में बिजली कटौती अब सिर्फ आधे घंटे की।
घाटमपुर, ओबरा की यूनिटों से उत्पादन फिर शुरू।
राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ। तीन दिन में कई तापीय परियोजनाओं से लगभग 3300 मेगावाट बिजली का उत्पादन बढ़ने से रात में बिजली का संकट काफी हद तक घट गया है। पावर कारपोरेशन प्रबंधन का दावा है कि अब रात में गांव से लेकर कस्बों में लगभग आधे घंटे ही बिजली की कटौती की जा रही है।
उम्मीद जताई जा रही है कि अगले सप्ताह तक मौसम में बदलाव के साथ ही कुछ और यूनिटों के चालू हो जाने से बिजली आपूर्ति की स्थिति सामान्य हो जाएगी।
कोयले की उपलब्धता घटने, तापीय परियोजनाओं में तकनीकी दिक्कतों के साथ ही नेपाल आपदा के मद्देनजर पिछले 15 दिनों से रात में बरकरार बिजली का संकट अब दूर होता दिख रहा है। पिछले तीन दिनों में कई यूनिटों से फिर उत्पादन शुरू होने के कारण लगभग 33 मेगावाट बिजली की उपलब्धता बढ़ गई है।
तीन दिन में 3300 मेगावाट बढ़ा उत्पादन, 27,163 मेगावाट पहुंची बिजली आपूर्ति
शुक्रवार को 660 मेगावाट की घाटमपुर व 200 मेगावाट की ओबरा की यूनिट भी चालू हो गई। दूसरे राज्यों से बैंकिंग (बिजली का आदान-प्रदान) के जरिए भी लगभग 2400 मेगावाट बिजली मिल रही है। हालांकि, पावर एक्सचेंज से रात में बिजली बमुश्किल दो-चार सौ मेगावाट ही मिल पा रही है।
घाटमपुर व ओबरा परियोजना की 860 मेगावाट की यूनिटों से भी उत्पादन शुरू
अपर मुख्य सचिव ऊर्जा व पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने बताया कि बिजली की उपलब्धता बढ़ने से अब दिन में प्रदेशभर को बिजली कटौती से मुक्त रखा जा रहा है। रात में भी औसतन 28 मिनट की ही कटौती की जा रही है। उन्होंने बताया कि अब 27 हजार मेगावाट से ज्यादा बिजली की आपूर्ति की जा रही है।
यह भी पढ़ें- 27.50 लाख बकाए पर भी दिया बिजली कनेक्शन: एमडी संदीप भागिया ने की कार्रवाई, JE अंगद यादव निलंबित
रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति के निर्देश
डॉ. गोयल ने बताया कि अधिकारियों को कहीं से भी बिजली जुटाकर प्रदेशवासियों को रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति करने के निर्देश दिए गए हैं। 300 मेगावाट की रोजा के एक-दो दिन में चालू होने के साथ ही माह के अंत तक लगभग दो हजार मेगावाट की ओबरा, हरदुआगंज व मेजा की यूनिटों से भी बिजली का उत्पादन शुरू हो जाएगा।
