सपा विधायक समेत पांच करीबियों के बयानों के बाद आजम खां से होगी पूछताछ, वित्तीय लेन-देन पर होगा सवाल
ED will Ouestion Azam Khan in Jail: करोड़ों रुपये के डोनेशन का स्रोत पता लगाने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) अब पूर्व मंत्री आजम खां से पूछताछ करेगा।

जौहर यूनिवर्सिटी -- पूर्व मंत्री आजम खां
HighLights
ईडी जेल में करेगी समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता पूर्व मंत्री आजम खां से पूछताछ
एस एंड ए सहित 11 फर्म के माध्यम से जौहर यूनिवर्सिटी को करोड़ों रुपये का डोनेशन
आदित्य तिवारी, लखनऊ : रामपुर के जौहर ट्रस्ट को कंपनियों के माध्यम से मिले करोड़ों रुपये के डोनेशन का स्रोत पता लगाने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) अब पूर्व मंत्री आजम खां से पूछताछ करेगा। इसके लिए ईडी की टीम मंगलवार को रामपुर जेल जाएगी।
जौहर ट्रस्ट से जुड़े लोगों और आजम खां के करीबियों के बयान दर्ज करने के बाद अब एजेंसी उनके बयान के आधार पर वित्तीय लेन-देन की कड़ियां जोड़ने की तैयारी में है। जांच में एस एंड ए समेत 11 फर्म के माध्यम से जौहर यूनिवर्सिटी को करोड़ों रुपये का डोनेशन दिए जाने की जानकारी सामने आई है। ईडी इस रकम के स्रोत और ट्रस्ट तक पहुंचने के माध्यम की पड़ताल कर रही है।
ईडी जौहर ट्रस्ट और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच के तहत संबंधित कंपनियों, बैंक खातों और ट्रस्ट के बीच हुए लेन-देन का ब्योरा जुटा रही है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि डोनेशन की रकम कहां से आई और इसे किन माध्यमों से जौहर यूनिवर्सिटी तक पहुंचाया गया। इसके लिए ट्रस्ट से जुड़े लोगों से पूछताछ कर उनके बयानों और उपलब्ध दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है।
इस मामले में आजम खां के करीबी सालिम से अब तक दो बार पूछताछ हो चुकी है। तीसरी बार सालिम को बुलाया गया है। सालिम आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम का कामकाज देखता रहा है। एजेंसी की जांच के दायरे में आजम खां के एक अन्य करीबी अनवर की भूमिका भी है। अनवर से भी 14 अक्टूबर को पूछताछ हो सकती है।
अब तक की जांच में क्या-क्या हुआ
19 अगस्त: ईडी ने रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली में जौहर ट्रस्ट, जौहर यूनिवर्सिटी और आजम खां से जुड़े 10 ठिकानों पर छापेमारी की। विश्वविद्यालय के निर्माण खर्च, ट्रस्ट को मिले चंदे और वित्तीय लेन-देन से संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की गई।
25 सितंबर: जौहर यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. जहीरुद्दीन से करीब आठ घंटे पूछताछ की गई। उनसे ट्रस्ट को मिले चंदे, विश्वविद्यालय के निर्माण खर्च और संबंधित वित्तीय लेन-देन के बारे में सवाल किए गए।
30 सितंबर: आजम खां के करीबी सालिम से पहली बार पूछताछ की गई। ट्रस्ट और विश्वविद्यालय से जुड़े वित्तीय लेन-देन के संबंध में जानकारी मांगी गई।
पांच अक्टूबर: आजम खां के चार्टर्ड अकाउंटेंट दीपक गोयल से पूछताछ की गई। ट्रस्ट के खातों और विश्वविद्यालय के निर्माण पर खर्च की गई रकम से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल हुई।
छह अक्टूबर: सपा विधायक नसीर अहमद खान से करीब सात घंटे पूछताछ की गई। उनसे जौहर ट्रस्ट में उनकी भूमिका, डोनेशन और विश्वविद्यालय के निर्माण कार्यों के बारे में सवाल किए गए।
आठ अक्टूबर: सालिम से दूसरी बार करीब आठ घंटे पूछताछ हुई। एजेंसी उसके बयानों और एस एंड ए फर्म से जुड़े दस्तावेजों में सामने आए तथ्यों का मिलान कर रही है।
