जौहर यूनिवर्सिटी मामले में आजम खां के करीबी सालिम से ED ने 8 घंटे की पूछताछ, असंतुष्ट जवाब के बाद फिर भेजा समन
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने जौहर यूनिवर्सिटी और मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आजम खां के करीबी सालिम से आठ घंटे पूछताछ की।

जौहर ट्रस्ट मामले में सालिम से आठ घंटे पूछताछ।
HighLights
ईडी ने जौहर यूनिवर्सिटी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सालिम से पूछताछ की।
आजम खां के करीबी सालिम से आठ घंटे तक सवाल-जवाब हुए।
असंतोषजनक जवाबों के बाद सालिम को दोबारा तलब किया गया।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। जौहर यूनिवर्सिटी और मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को आजम खां के करीबी सालिम से करीब आठ घंटे पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान सालिम की ओर से दिए गए कुछ जवाबों से जांच अधिकारी संतुष्ट नहीं हुए। ए एंड एस फर्म के दस्तावेजों में दर्ज तथ्यों और उसके बयानों में अंतर से जुड़े बिंदुओं पर भी उससे सवाल किए गए। ईडी ने उसे आगे की पूछताछ के लिए तीसरी बार तलब किया है।
सालिम से ट्रस्ट की गतिविधियों, चंदे की रकम और जौहर यूनिवर्सिटी में कराए गए निर्माण कार्यों से जुड़े लेनदेन के बारे में जानकारी ली गई। जांच एजेंसी ने उसके सामने कुछ दस्तावेज रखकर उनसे संबंधित जानकारी मांगी।
दस्तावेजों में दर्ज विवरण के आधार पर उसकी भूमिका और ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय लेनदेन की कड़ियों को समझने का प्रयास किया गया। पूछताछ के दौरान सामने आए बयानों और दस्तावेजों का मिलान भी किया जा रहा है।
इससे पहले ईडी ने सालिम से 30 सितंबर को पूछताछ कर चुकी है। गुरुवार की पूछताछ को इसी जांच की अगली कड़ी माना जा रहा है। वहीं ट्रस्ट के दो पदाधिकारी बुधवार को पूछताछ के लिए बुलाए जाने के बावजूद ईडी के सामने पेश नहीं हुए। गुरुवार को भी ट्रस्ट से जुड़े कुछ पदाधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया था।
मामले में ईडी ने मंगलवार को सपा विधायक नसीर अहमद खान से करीब सात घंटे पूछताछ की थी। उनसे ट्रस्ट में उनकी भूमिका, चंदे और यूनिवर्सिटी में कराए गए निर्माण कार्यों से जुड़े सवाल किए गए थे। इससे पहले आजम खां के करीबी सीए और एक ठेकेदार से भी पूछताछ कर बयान दर्ज किए जा चुके हैं। सीए को कुछ दस्तावेजों के साथ दोबारा तलब किया गया है।
ईडी आजम खां के परिवार से जुड़े मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी में चंदे की रकम तथा सरकारी परियोजनाओं से जुड़े ठेकेदारों के माध्यम से कराए गए निर्माण कार्यों के मामले में मनी लांड्रिंग के तहत जांच कर रही है। एजेंसी चंदे के स्रोत, उसके इस्तेमाल और निर्माण कार्यों से जुड़े वित्तीय लेनदेन की कड़ियों को खंगाल रही है।
