जौहर विश्वविद्यालय मामले में ईडी का एक्शन, कर्मचारियों और आजम खां के करीबी सालिम से आज होगी पूछताछ
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अपनी पड़ताल ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।
HighLights
ईडी ने जौहर ट्रस्ट, विश्वविद्यालय मनी लॉन्ड्रिंग जांच तेज की।
आजम खां के करीबी सालिम से दोबारा पूछताछ आज होगी।
वित्तीय लेनदेन, फंड स्रोत पर ईडी का मुख्य फोकस।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। समाजवादी पार्टी के महासचिव व पूर्व मंत्री आजम खां और उनके परिवार से जुड़े मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट व जौहर विश्वविद्यालय से संबंधित मनी लान्ड्रिंग जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पड़ताल तेज कर दी है। ईडी सोमवार से जौहर यूनिवर्सिटी के कुछ कर्मचारियों से पूछताछ कर सकता है। इसी दिन आजम खां के करीबी बताए जा रहे सालिम को भी लखनऊ स्थित ईडी के जोनल कार्यालय में दोबारा बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है। सालिम से 25 सितंबर को भी पूछताछ हो चुकी है।
ईडी की जांच का फोकस ट्रस्ट और विश्वविद्यालय से जुड़े वित्तीय लेन-देन के साथ रकम के स्रोत और उसके इस्तेमाल की कड़ी जोड़ने पर है। इसका पता लगाने के लिए जांच एजेंसी ने सालिम के अलावा पांच अन्य लोगों को भी नोटिस भेजा है। ईडी यह पता लगाने में जुटा है कि विभिन्न संस्थाओं और कंपनियों से मिली रकम किस माध्यम से ट्रस्ट या विश्वविद्यालय तक पहुंची और उसका इस्तेमाल किन गतिविधियों में किया गया।
जांच में एसएनए फर्म के माध्यम से जौहर विश्वविद्यालय को करीब 12 से 15 करोड़ रुपये डोनेशन दिए जाने की जानकारी सामने आने की बात कही जा रही है। ईडी अब ऐसे सभी फर्मों के रकम के स्रोत, संबंधित बैंक खातों और ट्रस्ट तक धन पहुंचने की प्रक्रिया की पड़ताल कर रहा है। सालिम से इसी सिलसिले में दस्तावेज और बैंक लेन-देन से जुड़े सवाल किए जा सकते हैं।
ईडी सरकारी ठेकेदारों और ट्रस्ट से जुड़ी संस्थाओं के बीच कथित वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रहा है। सरकारी परियोजनाओं के ठेके मिलने के बाद संबंधित ठेकेदारों की ओर से ट्रस्ट या विश्वविद्यालय से जुड़े निर्माण, विकास कार्यों और अन्य भुगतानों से संबंधित रिकार्ड भी जांचे जा रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि संस्थाओं को किसी रूप में धनराशि हस्तांतरित की गई या नहीं।
ईडी ने 19 अगस्त को रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली में ट्रस्ट व विश्वविद्यालय से जुड़े 10 ठिकानों पर तलाशी ली थी। सूत्रों के अनुसार, सालिम के बाद जौहर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जहीरुद्दीन, नोएडा के कारोबारी प्रदीप गुर्जर और अनवर से भी पूछताछ हो सकती है। कुलपति से इससे पहले 25 सितंबर को करीब आठ घंटे पूछताछ की जा चुकी है।
