लखनऊ के दुबग्गा में सजा दीपावली पटाखों का बाजार, नए और पारंपरिक पटाखों की धूम, खरीदारी शुरू
लखनऊ के दुबग्गा में दीपावली के लिए पटाखों का बाजार सज गया है, जहां ग्राहकों में खरीदारी का उत्साह दिख रहा है।
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प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
दुबग्गा में दीपावली के लिए पटाखों का बाजार सजा।
हेलीकॉप्टर, बटरफ्लाई जैसे नए पटाखे उपलब्ध हैं।
शिवाकाशी से कम आपूर्ति से 25% महंगाई बढ़ी।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। दीपावली पर्व में धूम मचाने के लिए दुबग्गा में पटाखा बाजार सज गया है। ग्राहकों में पटाखों की खरीदारी को लेकर खूब उत्साह दिख रहा है। बाजार में फुटकर ग्राहक व थोक व्यापारी तेजी से आना शुरू हो गए है।
इस बार नए पटाखों में हवा में उड़कर दगने वाले पटाखों में हेलीकॉप्टर, बटरफ्लाई, फोटो फ्लैश, आसमानी शॉट, ओलंपिक टार्च, बोफोर्स तोप जैसी तोप सहित शेर, बत्तख व ट्री अनार उपलब्ध हैं। बच्चों के लिए फुलझड़ी, पाप, चरखी, माचिस समेत कम आवाज वाले पटाखे बिक रहे हैं। किसान पथ के पास दुबग्गा के अमेठिया सलेमपुर गांव में हर वर्ष की तरह पटाखा का थोक बाजार लग गया है।
कम आवाज व अधिक रोशनी वाले पटाखे उपलब्ध
फायर वर्क्स डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष महेश गुप्ता ने बताया कि ग्राहक तेजी से आ रहे है। आसमानी शॉट जिसमे 12, 24, 60 व 120 आवाज वाले पटाखा, पिचकारीनुमा अनार, रंगबिरंगी एक मीटर लंबाई की फुलझड़ी, अनार, चटाई, चरखी की मांग है। बच्चों के लिए कम आवाज व अधिक रोशनी वाले पटाखे उपलब्ध हैं।
दुकानदार आदिल ने बताया कि इस बार कैमरा की फ्लश की तरह फोटो फ्लश पटाखा, मोर की पंख की तरह क्रैक होने वाला पिकॉक पटाखा, हवा में उड़कर क्रैक होने वाला हेलीकॉप्टर, बटरफ्लाई जैसे नए पटाखे उपलब्ध है।
दुकानदार रईस ने बताया कि लायन, ट्री, डक नुमा पटाखे आकर्षक बने हुए है। फायर डीलर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष इमरान अली ने बताया कि विभिन्न प्रकार के स्काई फंक्शन वाले पटाखा बिक्री के लिए उपलब्ध है। चटाई, चरखी, अनार व आसमानी शॉट परंपरागत पटाखों की भी खूब मांग है।
शिवाकाशी से माल कम आने से करीब 25 प्रतिशत बढ़ी महंगाई
महेश गुप्ता ने बताया कि कुल 58 लाइसेंसी है जिसमे 36 लाइसेंसी ही काम कर रहे है। इस बार शिवाकाशी से माल कम आ पा रहा है। बारिश का असर वहां पर फैक्ट्री के उत्पादन क्षमता पर पड़ा है। कारोबारियों ने बताया कि बारिश की वजह से शिवाकाशी से माल कम आ पा रहा है। जिसकी वजह से महंगाई है।
कारोबारी इमरान ने बताया कि एक नवंबर से थोक व्यापारी आएंगे। अस्थाई लाइसेंस की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पटाखों की थोक बिक्री तेज होगी। कारोबारियों ने बताया कि बीते वर्ष करीब सात करोड़ रुपये का पटाखा कारोबार हुआ था। इस बार पिछली बार से अधिक के कारोबार की उम्मीद है।
