यूपी के भदोही जिले में ग्रीन दीपावली की पहल, पर्यावरणप्रेमियों ने प्रदूषण ना फैलाने की ली शपथ
भदोही में नवरात्र और दशहरा के बाद दीपावली की तैयारियों के बीच पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया जा रहा है।

भदोही में इको फ्रेंडली दीवाली मनाने की शपथ लेते कर्मचारी।
HighLights
भदोही में इको-फ्रेंडली दीपावली मनाने का अभियान शुरू।
सीए एके ठुकराल के नेतृत्व में पटाखों से दूरी की शपथ।
ग्रीन पटाखों के उपयोग, पर्यावरण संरक्षण हेतु जागरूकता अभियान।
जागरण संवाददाता, भदोही। नवरात्र, दशहरा, भरत मिलाप के बाद अब दीपावली का इंतजार है। इसके लिए हर तरफ तैयारियां चल रही हैं। हालांकि दीपावली के दौरान पटाखों का अत्यधिक उपयोग जहां पर्यावरण के लिए हानिकारक होता है वहीं इससे होने वाले खतरे को लेकर लोग चिंतित हैं।
पर्यावरण संरक्षण को लेकर संवेदनशील लोगों द्वारा पटाखे की रोकथाम के लिए अभी से प्रयास शुरू कर दिया गया है। इस क्रम में सोमवार को जनपद के वरिष्ठ सीए एके ठुकराल के नेतृत्व में स्टेशन रोड निर्यात भवन परिसर में न सिर्फ जागरूकता अभियान चलाया गया बल्कि ठुकराल कैपिटल मार्केट के कर्मचारियों ने त्योहार के दौरान पर्यावरण को हानि पहुंचाने वाले पटाखों से दूरी बनाने की शपथ ली। कहा कि खतरनाक पटाखों के बजाए ग्रीन पटाखों का न सिर्फ स्वयं उपयोग करेंगे बल्कि अन्य लोगों को भी प्रेरित किया जाएगा।
सीए एके ठुकराल ने कहा कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली सामग्री को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि हस सबको एक जिम्मेदार नागरिक होने का कर्तव्य निभाते हुए ईको फ्रेंडली दीपावली मनाने का संकल्प लेना चाहिए। अपने परिवार, पडोसियों, मित्रों, जानने वालों को भी इससे होने से नुकसान से अवगत कराते हुए जागरूक करने का आह्वान किया।
इससे पहले टीसीएम के कर्मचारियों मनीष कुमार, अंकित गुप्ता, मूल सिंह, विष्णुकांत गुप्ता, संदीप यादव, मो. कैफ, बद्री नारायण, कैलाशनाथ पाल, रविराज, सतीश कुमार, हर्ष, प्रियांशु, अब्दुस्समी, वसीम, अंकित पाल, हम्माद आदि द्वारा निर्यात भवन परिसर में भ्रमण कर लोगों को पटाखा उपयोग से होने वाले नुकसान के प्रति जागरुक किया।
इसी तरह रजपुरा कॉलोनी फेज-1 में समाज सेविका स्नेहलता श्रीवास्तव, रजपुरा कालोनी फेज-2 में देवा जायसवाल, जमुनीपुर कालोनी में मनोज सुराना के नेतृत्व में जागरूकता अभियान चलाया गया।
यूको बैंक प्रबंधक मो. सैफ ने कहा कि पेड़ पौधों, बाग बगीचों के क्षरण और ताल तलैया के अभाव में पर्यावरण को बड़ा नुकसान पहुंचा है। ऐसे में पर्यावरण संरक्षण करना हम सब का नैतिक कर्तव्य है। पर्यावरण संरक्षण को लेकर हमें न सिर्फ स्वयं में सुधार करने की जरूरत है बल्कि अन्य लोगों को भी इस विषय पर जागरूक करना होगा। विशेषकर दीपावली के दौरान पटाखे का उपयोग बिलकुल नहीं होना चाहिए।
जीवनदीप हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. एके गुप्ता ने कहा कि दीपावली के दौरान एक तरफ जहां खुशियों का वातावरण रहता है, तो वहीं दूसरी तरफ पटाखों के उपयोग के कारण दुर्घटना खतरा भी बना रहता है। इसके अलावा पर्यावरण को भी क्षति पहुंचती है। इन सबको ध्यान में रखते हुए परिवार के बड़ों को चाहिए कि वह बच्चों को समझाएं और पटाखों के उपयोग पर अंकुश लगाएं।
