व्यापारी से वसूली मामले में SIB डिप्टी कमिश्नर संजीव निरंजन पद से हटाए, डीएम विशाख जी को जांच
राज्य कर विभाग ने व्यापारी से वसूली मांगने के आरोप में एसआईबी लखनऊ के डिप्टी कमिश्नर संजीव निरंजन को पद ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
डिप्टी कमिश्नर संजीव निरंजन वसूली आरोप में पद से हटाए गए।
लखनऊ के जिलाधिकारी विशाख जी को जांच सौंपी गई।
लिपिक विकास वर्मा पहले ही निलंबित, ऑडियो क्लिप सबूत।
राज्य ब्यूरो, जागरण, लखनऊ। कार्रवाई का भय दिखाकर व्यापारी से वसूली मांगने के आरोप राज्य कर विभाग ने एसआईबी की लखनऊ इकाई के डिप्टी कमिश्नर संजीव निरंजन को पद से हटाकर मुख्यालय से संबद्ध कर दिया है। उनकी कार्यशैली और मामले में भूमिका की जांच लखनऊ के जिलाधिकारी विशाख जी को सौंपी गई है। शासन ने उन्हें एक पखवारे के भीतर जांच रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। इससे पहले इसी प्रकरण में लिपिक विकास वर्मा को निलंबित किया जा चुका है।
करीब एक पखवारे पहले लखनऊ के एक व्यापारी ने राज्य कर आयुक्त नितिन बंसल से गोपनीय शिकायत की थी। व्यापारी ने आरोप लगाया था कि एसआईबी के कर्मचारी कार्रवाई और छापे का भय दिखाकर उनसे रुपये मांग रहे हैं।
शिकायत के साथ व्यापारी ने बातचीत की आडियो क्लिप भी उपलब्ध कराई थी। इस आधार पर विभाग ने प्रारंभिक जांच कराई, जिसके बाद लिपिक विकास वर्मा को निलंबित कर दिया गया।
राज्य कर विभाग के लिपिक विकास वर्मा पहले ही हो चुके हैं निलंबित
प्रकरण की आगे हुई जांच में एसआईबी की लखनऊ इकाई के वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका भी सामने आई। इसमें डिप्टी कमिश्नर संजीव निरंजन की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर राज्य कर आयुक्त ने उनके विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की थी। इसके बाद प्रमुख सचिव कामिनी रतन चौहान ने उन्हें पद से हटाकर मुख्यालय से संबद्ध करने का आदेश जारी किया। साथ ही पूरे प्रकरण और उनकी कार्यशैली की जांच जिलाधिकारी को सौंप दी।
डीएम विशाख जी को सौंपी गई जांच, एक पखवारे में देनी होगी रिपोर्ट
अब जिलाधिकारी की जांच में यह पता लगाया जाएगा कि व्यापारी से कथित वसूली के प्रयास में किन-किन अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका थी तथा विभागीय स्तर पर किस तरह कार्रवाई की गई। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।