ग्रीन गैस के फर्जी लिंक सबसे ज्यादा उपयोग कर रहे हैं साइबर ठग, एआइ के दौर में बदले ठगी के तरीके
Cyber Fraud Prevention Workshop: ठग ग्रीन गैस कनेक्शन का बिल अपडेट कराने या कनेक्शन काटने की चेतावनी देकर फर्जी लिंक भेज सकते हैं।

डीजी साइबर क्राइम विनोद कुमार सिंह ने बच्चों को साइबर ठगी से बचने के तरीकों से अवगत कराया
HighLights
यूपी-112 में आयोजित कार्यशाला में 550 बच्चों को किया गया जागरूक
डीजी साइबर क्राइम विनोद कुमार सिंह ने बच्चों के साथ अभिभावकों को दिया संदेश
साइबर ठगी के बचने के लिए बच्चों को न दें बैंकिंग वाला मोबाइल
मोबाइल फोन पर किसी संदिग्ध एप के इंस्टाल होते ही बंद करें इंटरनेट
राज्य ब्यूरो, लखनऊ : बच्चों को मोबाइल फोन पर गेम खेलने या रील देखने को मौका देकर अभिभावकों जाने-अंजाने साइबर ठगों को अपने बैंक खातों में आमंत्रित कर रहे हैं।
यूपी-112 में शनिवार को आयोजित कार्यशाला में 550 बच्चों को साइबर ठगी से बचने के तरीकों से अवगत कराया गया। इनके साथ ही अभिभावकों को भी किसी भी अनजान और फर्जी लिंक को न खोलने के लिए जागरूक किया गया। इस कार्यशाला का शुभारंभ डीजी यूपी-112, सीआइडी एवं साइबर क्राइम विनोद कुमार सिंह ने किया। महिला आरक्षी सारिका सिंह सहित पुलिसकर्मियों ने गीत और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से भी साइबर सुरक्षा के संदेश दिए।
घबराने के बजाय मोबाइल का इंटरनेट कनेक्शन करें बंद
बच्चों को बताया गया कि मोबाइल फोन पर गेम खेलने या रील देखने के दौरान संदिग्ध लिंक खुल जाता है या नुकसान पहुंचाने वाली एपीके फाइल इंस्टाल हो जाती है। ऐसे में घबराने के बजाय मोबाइल का इंटरनेट कनेक्शन बंद करें।
ग्रीन गैस बिल के नाम पर फर्जी लिंक से बचें
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) के दौर में साइबर ठगी के तरीके तेजी से बदल रहे हैं। ग्रीन गैस बिल के नाम पर फर्जी लिंक, संदिग्ध एपीके फाइल, वरिष्ठ अधिकारी की पहचान से भुगतान का दबाव और तस्वीरों से छेड़छाड़ कर ब्लैकमेलिंग जैसे खतरों के बीच बच्चों की डिजिटल सुरक्षा बड़ी चुनौती बन रही है।
मोबाइल में बैंकिंग एप का सावधानी से प्रयोग करें
यूपी-112 परिसर में शनिवार को आयोजित साइबर जागरूकता कार्यशाला में बच्चों और शिक्षकों को साइबर ठगी पहचानने और उससे बचने के तरीके बताए गए। डीजी साइबर क्राइम विनोद कुमार सिंह की मौजूदगी में एक्सपर्ट शुभेंदु दीक्षित ने अभिभावकों को सलाह दी कि जिस मोबाइल में बैंकिंग एप, यूपीआइ और वित्तीय लेनदेन की सुविधा हो, उसे बच्चों को गेम या रील देखने के लिए न दें।
निजी जानकारी और बैंकिंग गतिविधियों पर खतरा
बच्चे अक्सर अभिभावकों के मोबाइल से इंटरनेट इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में अनजान लिंक खुलने या संदिग्ध फाइल इंस्टाल होने से निजी जानकारी और बैंकिंग गतिविधियों पर खतरा हो सकता है। शुभेंदु बताते हैं कि गलती से संदिग्ध एप इंस्टाल हो जाए या मोबाइल में साइबर ठगी का संदेह हो तो पहले इंटरनेट कनेक्शन बंद करें ताकि आनलाइन गतिविधियों को रोका जा सके।
एम-कवच-2 जैसे सुरक्षा उपायों की मदद लें
सरकारी साइबर सुरक्षा एप एम-कवच-2 जैसे सुरक्षा उपायों की मदद लें। हालांकि, केवल एप इंस्टल करने से साइबर खतरे से सुरक्षा की गारंटी नहीं होती। बैंकिंग जानकारी साझा होने या खाते से रकम निकलने की आशंका पर बैंक, 1930 पर सूचित करने के साथ www.cybercrime.gov.in पर भी शिकायत करें।
ग्रीन गैस कनेक्शन के फर्जी लिंक का सर्वाधिक दुरुपयोग
इन दिनों ठग ग्रीन गैस कनेक्शन का बिल अपडेट कराने या कनेक्शन काटने की चेतावनी देकर फर्जी लिंक भेज सकते हैं। बिजली बिल, केवाईसी या दूसरी सेवा के नाम पर आई अनजान एपीके फाइल भी नुकसान पहुंचा सकती है। वहीं दूसरा ठग बास स्कैम में वरिष्ठ अधिकारी की पहचान अपनाकर रुपये भेजने का दबाव बनाता है। ऐसे संदेशों की पुष्टि पहले आधिकारिक नंबर से करनी चाहिए।
