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UP में पूर्व अग्निवीरों को चार विभागों की भर्तियों में मिलेगा 20 प्रतिशत आरक्षण, योगी आदित्यनाथ कैबिनेट ने दी मंजूरी

Published: Fri, 09 Oct 2026 07:06 PM (GMT+05:30)

20 Percent Reservation To Ex Agniveers in UP Government Jobs: पुलिस, वन, कारागार और परिवहन विभाग में सिपाही से लेकर ...और पढ़ें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक

HighLights

  1. योगी आदित्यनाथ सरकार ने भर्ती नियमों में किया अहम बदलाव

  2. पुलिस, वन, कारागार और परिवहन विभाग की भर्तियों में मिलेगा लाभ

  3. अधिकतम आयु में तीन वर्ष की छूट, नहीं होगी लिखित व शारीरिक परीक्षा

  4. एडीओ पद पर पांच वर्ष की सेवा के बाद बन सकेंगे संयुक्त बीडीओ

राज्य ब्यूरो, लखनऊ: भारतीय सेना में सेवा पूरी कर चुके पूर्व अग्निवीरों को प्रदेश में सरकारी नौकरी के अवसर उपलब्ध कराने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने भर्ती नियमों में अहम बदलाव किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में पूर्व अग्निवीरों की भर्ती संबंधी नियमावली में संशोधन को स्वीकृति दी गई।

इसके तहत पुलिस, वन, कारागार और परिवहन विभाग की भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण मिलेगा। साथ ही अधिकतम आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट के साथ ही लिखित व शारीरिक परीक्षा भी इन्हें नहीं देनी होगी। इन अभ्यर्थियों को केवल मेडिकल परीक्षण से गुजरना होगा।

कैबिनेट बैठक के बाद परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि अग्निवीर योजना के तहत वर्ष 2022 में भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। इसे ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने पूर्व अग्निवीरों की नियुक्ति से संबंधित नियमावली में संशोधन किया है। इसका उद्देश्य सैन्य सेवा पूरी कर चुके युवाओं को प्रदेश की सरकारी सेवाओं में नियुक्ति के अवसर उपलब्ध कराना है।

पुलिस, वन, कारागार और परिवहन विभाग में सिपाही से लेकर अन्य पदों पर होने वाली भर्तियों में इनके लिए 20 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गई है। अभ्यर्थियों को उनकी मूल श्रेणी के अनुसार आरक्षण का लाभ मिलेगा। पूर्व अग्निवीरों को सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने में राहत देते हुए अधिकतम आयु सीमा 25 वर्ष से बढ़ाकर 28 वर्ष कर दी गई है।

एडीओ पद पर पांच वर्ष की सेवा के बाद बन सकेंगे संयुक्त बीडीओ

ग्राम्य विकास विभाग ने सहायक विकास अधिकारियों (एडीओ) के लिए संयुक्त खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) पद पर पदोन्नति की शर्तों में राहत दी है। अब 18 वर्ष की कुल सेवा में पांच वर्ष एडीओ पद पर रहने वालों को संयुक्त बीडीओ बनाया सकेगा। इसके लिए शनिवार को कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश संयुक्त बीडीओ (अराजपत्रित) सेवा नियमावली के तृतीय संशोधन-2026 को स्वीकृति दे दी है। इस संशोधन के लागू होने के बाद सबसे पहले 200 एडीओ को पदोन्नति मिलने की संभावना है।

ग्राम्य विकास विभाग में ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) को पदोन्नति के बाद एडीओ बनाया जाता है। इसके बाद उनकी संयुक्त बीडीओ और फिर बीडीओ के रूप में पदोन्नति होती है। अब तक लागू नियमावली में संयुक्त बीडीओ पद पर पदोन्नति के लिए एडीओ पद पर सात वर्ष की सेवा अनिवार्य थी।

वर्ष 2021-22 में नियमावली में अस्थाई संशोधन कर एक वर्ष के लिए इसे पांच वर्ष किया गया था, परंतु इसके बाद पूर्ववत व्यवस्था लागू हो गई थी। वर्तमान में संयुक्त बीडीओ के 242 पद रिक्त पड़े हैं। इसके चलते ही विभाग ने नियमावली में स्थायी संशोधन का प्रस्ताव दिया था। विभाग के अनुसार अब रिक्त पदों को जल्द भरा जा सकेगा।

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