विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

RBI का नया निर्देश: अब जितनी ठगी की रकम उतना ही होगी फ्रीज, पूरा खाता नहीं

Published: Sat, 19 Sep 2026 08:23 AM (IST)

आरबीआई ने साइबर ठगी के मामलों में बैंक खातों को फ्रीज करने के संबंध में नए निर्देश जारी किए हैं। ...और पढ़ें

AI Image

AI Image

HighLights

  1. आरबीआई ने साइबर ठगी में बैंक खाते फ्रीज करने के नियम बदले।

  2. अब केवल ठगी की गई रकम ही फ्रीज होगी, पूरा खाता नहीं।

  3. पूरा खाता फ्रीज होने पर ग्राहक शिकायत कर उसे खुलवाएं।

आयुष्मान पांडेय, लखनऊ। साइबर ठगी की रकम किसी बैंक खाते में पहुंचने के बाद अब पूरा खाता फ्रीज नहीं किया जाएगा। फ्राड की रकम के नाम पर पूरा बैंक खाता फ्रीज होने से परेशान आम लोगों को राहत देने के लिए रिजर्व बैंक आफ इंडिया (आरबीआइ) ने बैंकों को नई व्यवस्था के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अब शिकायत में जितनी ठगी की रकम होगी, उतना ही फ्रीज किया जाएगा। पूरे खाते को बंद रखने की स्थिति में तत्काल उसे खोलने की कार्रवाई करनी होगी।

राजधानी में पांच हजार खाते फ्रीज
दरअसल, साइबर ठगी की शिकायत मिलने पर कई मामलों में बैंक पूरे खाते पर रोक लगा देते थे। इसका असर उन खाताधारकों पर पड़ता था, जिनका ठगी से कोई लेना-देना नहीं होता था। खाते में अपनी मेहनत की रकम होने के बावजूद वह न तो पैसे निकाल पाते थे और न ही सामान्य लेनदेन कर पाते थे। पीड़ितों को साइबर क्राइम सेल और बैंक के चक्कर लगाने पड़ते थे। कई मामलों में महीनों तक खाता अनफ्रीज नहीं हो पाता था।

जनवरी से अब तक पांच हजार से अधिक लोगों के बैंक खाते फ्रीज किए जा चुके हैं। इनमें साइबर ठगी से जुड़े खातों के साथ ऐसे आम लोग भी शामिल हैं, जिनके खातों में संदिग्ध रकम पहुंचने के बाद कार्रवाई हुई। साइबर क्राइम थाने के इंस्पेक्टर आलोक राव के मुताबिक, पुलिस सीधे किसी व्यक्ति का पूरा खाता फ्रीज नहीं करवाती थी।

पीड़ित की आनलाइन शिकायत के आधार पर बैंक स्तर से खाते पर रोक लगाई जाती थी, लेकिन अब आरबीआइ की नई गाइडलाइन के बाद शिकायत मिलने पर पुलिस और बैंक के अधिकारियों के बीच समन्वय से संबंधित रकम को ही फ्रीज करने पर जोर दिया जा रहा है। जांच में रकम के संबंध में स्थिति स्पष्ट होने पर उसे रिलीज भी किया जा रहा है।

bank

15 हजार रुपये खाते में थे, दो महीने से नहीं निकाल पाए
जापलिंग रोड निवासी मनीष सिंह के मुताबिक, वह हसनगंज क्षेत्र में गए थे। वहां एक युवक ने उनसे कहा कि वह आनलाइन रुपये भेज देगा और बदले में नकद ले ले। मनीष ने उसे नकद रकम देकर आनलाइन भुगतान ले लिया। कुछ समय बाद किसी शिकायत के आधार पर उनका पूरा बैंक खाता फ्रीज हो गया। उनका कहना है कि उन्होंने हसनगंज थाने में शिकायत की, लेकिन दो महीने तक चक्कर लगाते रहे, खाता अनफ्रीज नहीं किया गया।

यह भी पढ़ें- अंसल टाउनशिप के बिजली सिस्टम में हुआ बड़ा बदलाव, अब मानमाने पैसे नहीं वसूल सकेगा बिल्डर; नया प्लान तैयार


250 रुपये आए और ढाई महीने फंसा रहा कारोबार
चारबाग निवासी शालू सिंह कपड़े की दुकान चलाती हैं। उनके मुताबिक, दुकान के खाते में किसी व्यक्ति ने महज 250 रुपये भेजे। अगले ही दिन पूरा खाता फ्रीज हो गया। साइबर क्राइम सेल पहुंचने पर पता चला कि मुंबई से शिकायत के आधार पर खाता फ्रीज किया गया है। ढाई महीने तक बैंक और साइबर सेल के चक्कर लगाने के बाद खाता अनफ्रीज हुआ। इसके बाद वह दुकान के कर्मचारियों का वेतन दे सकीं।

यह भी पढ़ें- EPFO वेतन सीमा बढ़ने से 50 हजार कर्मचारियों को लाभ, बढ़ेगी पेंशन



मेरे दुकान पर आने वाले 70 प्रतिशत लोग आनलाइन भुगतान करते हैं। खाता फ्रीज होने के डर से दो खाते खोल रखे हैं। इस नियम के आने से हम लोगों को बहुत राहत मिलेगी।

-

- अनिरूद्ध निगम, ट्रांस गोमती अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल।

कुछ वक्त पहले होटल का खाता फ्रीज हो गया था। चेक कराया तो सामने आया कि सातवीं लेयर पर फ्रीज हुआ है और उनके खाते में महजदो सौ रुपये आए थे। काफी मशक्कत के बाद खाता खुला था।

-

-मनजीत सिंह, महामंत्री, लखनऊ व्यापार मंडल।

बीच में तो एक दो मामले ऐसे आए कि सामान लिया और पेमेंट करने के बाद कहा कार्ड स्वैप कर दे रहा हूं। उसे नकद दे दें। दुकानदार ग्राहक समझकर रकम दे देता था। फिर पता चलता था लुधियाना से खाता फ्रीज हो गया। इस नियम से आम आदमी को राहत मिलगी।

-

- अमरनाथ मिश्रा, अध्यक्ष, लखनऊ व्यापार मंडल।