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काशी से क्योटो और आस्था से अर्थव्यवस्था तक, जापानी कंपनियों के साथ UP के 90,000 करोड़ के समझौते

Published: Wed, 07 Oct 2026 11:01 AM (IST)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत-जापान मैत्री को विश्वास की विरासत और विकास की साझेदारी का जीवंत सेतु बताया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। (तस्वीर- फाइल)

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। (तस्वीर- फाइल)

HighLights

  1. मुख्यमंत्री योगी ने भारत-जापान मैत्री को विश्वास और विकास का सेतु कहा।

  2. मोदी और आबे ने भारत-जापान मैत्री को नई ऊंचाइयां दीं।

  3. काशी में 'आबे मेमोरियल कॉरिडोर' का लोकार्पण, सांस्कृतिक आत्मीयता का प्रतीक।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली/लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत-जापान मैत्री को विश्वास की विरासत, विकास की साझेदारी और दो प्राचीन संस्कृतियों की आत्मीयता का जीवंत सेतु बताया है।

बुधवार को एक्स पर पोस्ट कर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत शिंजो आबे ने दोनों देशों की इस आत्मीय मैत्री को नई ऊंचाइयां प्रदान कीं।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भारत-जापान की इसी आत्मीय मैत्री और शिंजो आबे की स्मृतियों को समर्पित ‘आबे मेमोरियल कॉरिडोर’ का बुधवार को लोकार्पण होगा। काशी स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वह सहभागिता करेंगे।

सांस्कृतिक आत्मीयता के साथ बढ़ी आर्थिक साझेदारी

मुख्यमंत्री योगी ने भारत-जापान संबंधों के आर्थिक पक्ष को भी प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच आत्मीयता अब आर्थिक साझेदारी की नई शक्ति बन रही है। उत्तर प्रदेश जापानी कंपनियों के साथ करीब 90 हजार करोड़ रुपये के एमओयू कर चुका है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भारत और जापान के बीच संबंध विश्वास की विरासत और विकास की साझेदारी पर आधारित हैं। दोनों प्राचीन संस्कृतियों की आत्मीयता इन संबंधों को विशेष बनाती है। काशी और क्योटो के बीच जुड़ाव इसी रिश्ते को आगे बढ़ा रहा है।

उन्होंने कहा कि काशी से क्योटो तक, आस्था से अर्थव्यवस्था तक, यह मैत्री अब साझी समृद्धि की नई राह बना रही है।

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