अब लखनऊ के जनभवन में कर सकेंगे चार धाम की यात्रा, गंगोत्री-यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ के होंगे दिव्य दर्शन
लखनऊ के राजभवन स्थित जनभवन में 'गंगासागर नमो नमः' परियोजना का लोकार्पण किया गया, जिसमें चारधाम और कैलाश मानसरोवर के प्रतीकात्मक दर्शन होंगे।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।
HighLights
राजभवन के जनभवन में 'गंगासागर नमो नमः' परियोजना का लोकार्पण।
चारधाम, कैलाश मानसरोवर और गंगासागर के प्रतीकात्मक स्वरूप स्थापित।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने किया उद्घाटन, शिव डमरू फाउंटेन भी शामिल।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। यदि आप चारधाम, कैलाश मानसरोवर, प्रयागराज एवं काशी से गंगासागर की यात्रा की गहन अनुभूति करना चाहते हैं। भारत की महान सांस्कृतिक एवं धार्मिक चेतना के प्रति हृदय में स्पंदन और गहरी जिज्ञासा है तो राजभवन स्थित जनभवन पधारें।
यहां कैलाश धाम के प्रतीक स्वरूप भगवान शिव की प्रतिमा, प्रतीकात्मक मानसरोवर और चार धाम गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ की मार्बल प्रतिकृतियां मंत्रमुग्ध कर देंगी। परियोजना की लंबाई 110 मीटर तथा कैलाश से गंगासागर तक अधिकतम ऊंचाई छह मीटर है।
एक वर्ष में पूर्ण हुई इस परियोजना में करीब 1,000 टन पत्थरों (बोल्डर्स) का उपयोग किया गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 76 वें जन्म दिवस पर जन भवन परिसर में निर्मित ‘गंगासागर नमो नमः’ परियोजना का राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को लोकार्पण किया।
6000 पौधे लगाए
गणमान्यों ने गंगा सागर नमो नमः का भ्रमण किया। शिव डमरू फाउंटेन के समीप निर्मित गंगासागर में गंगाजल अर्पित कर गंगा आरती की गई। 17 प्रकार के वृक्षों के कुल 40 पौधे तथा लगभग 100 विभिन्न प्रकार की झाड़ियों के 6,000 पौधे लगाए गए।
आदर्श माध्यमिक विद्यालय, जन भवन के विद्यार्थियों एवं राजकीय बाल गृह (बालिका), सिंधी खेड़ा की बालिकाओं द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। बच्चों ने ‘गंगा धराय शिव गंगा धराय’, ‘कर लो-कर लो चारों धाम’ तथा ‘गंगा तेरा पानी अमृत’ गीतों का सामूहिक गायन कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
विशेष कार्याधिकारी, राज्यपाल (अपर मुख्य सचिव स्तर) डा. सुधीर महादेव बोबडे ने कहा कि परिसर को एक विशिष्ट सांस्कृतिक, आध्यात्मिक एवं प्राकृतिक पहचान मिली है। परियोजना का डिजाइन एवं क्रियान्वयन अहमदाबाद स्थित कम्पनी ‘लैंडस्केप इंडिया’ द्वारा किया गया है। ‘शिव डमरू म्यूजिकल फाउंटेन’ में जलधाराओं, एलईडी प्रकाश, ध्वनि एवं प्रोग्रामेबल तकनीक का प्रयोग किया गया है।
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इसमें ‘शिव तांडव’, ‘मनुष्य तू बड़ा महान है’ तथा ‘आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं झांकी हिंदुस्तान की’ जैसी रचनाओं का समावेश है। 6.41 करोड़ रुपये की लागत से विकसित यह परियोजना दो प्रमुख हिस्सों ‘गंगोत्री से गंगासागर’ तथा ‘गंगासागर फाउंटेन’ में है।
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बोबडे ने बताया कि बोनसाई गार्डेन का भी लोकार्पण किया गया। 14 बालिकाओं ने मुख्यमंत्री योगी व उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक को राखी बांधा। नौ से 14 वर्ष आयु वर्ग की 100 बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण भी किया गया।
