यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 04, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
EVM पर सीएम योगी आदित्यनाथ का बसपा सुप्रीमो मायावती को करारा जवाब
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भाजपा की सफलता पर विपक्ष का ईवीएम के सिर पर ठीकरा फोडऩा ठीक नहीं है। ...और पढ़ें

लखनऊ (जेएनएन)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निकाय चुनाव में दो दिन से ईवीएम पर विपक्ष के हमले पर कल करारा जवाब दिया। भाजपा के प्रदेश मुख्यालय पर कल भाजपा से निर्वाचित सभी मेयर से मुलाकात करने के बाद योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भाजपा की बड़ी सफलता पर विपक्ष का ईवीएम के सिर पर ठीकरा फोडऩा ठीक नहीं है। अगर जरा भी संदेह है तो बसपा सुप्रीमो मायावती अलीगढ़ व मेरठ से जीते अपने महापौर से इस्तीफा दिला दें, हम बैलेट पेपर से चुनाव करा देंगे।
उन्होंने मायावती के आरोपों पर नहले का जवाब दहले से देने की तर्ज पर कहा कि अगर ईवीएम में खराबी है तो मायावती अपने मेयरों का इस्तीफा दिलवा दें। वह मेरठ व अलीगढ़ में फिर से मतपत्रों से चुनाव करवा लेंगे। वहां भाजपा का प्रत्याशी जीतेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बसपा अध्यक्ष अपने मेयरों से इस्तीफा दिलाएं, हम दोनों जगह पर बैलेट पेपर से चुनाव करा देंगे।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बसपा सुप्रीमो मायावती को यदि ईवीएम पर विश्वास नहीं है तो अलीगढ़ व मेरठ के नवनिर्वाचित महापौर (मेयरों) से इस्तीफा दिला दें, हमारी सरकार आयोग से बैलेट से चुनाव कराने का अनुरोध कर लेगी। इससे हकीकत सामने आ जाएगी। उन्होंने कहा कि ईवीएम राज्य निर्वाचन आयोग की संपत्ति है। बसपा सुप्रीमो मायावती जिस ईवीएम पर आरोप लगा रही हैं, उसी ईवीएम से उनकी पार्टी ने अलीगढ़ व मेरठ में महापौर चुनाव जीते हैं। यदि मायावती को ईवीएम पर भरोसा नहीं है तो वे अलीगढ़ व मेरठ के बसपा महापौर का इस्तीफा दिलाकर मतपत्र से चुनाव लड़ा लें, सच्चाई सामने आ जाएगी।
योगी आदित्यनाथ कल कहा कि निकाय चुनाव में हार के बाद विपक्षी दल ईवीएम पर आरोप लगा रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि आश्चर्य यह है कि जो ईवीएम से जीते हुए लोग हैं वहीं ईवीएम पर सवाल उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मायावती जिस ईवीएम पर आरोप लगा रही हैं, उसी ईवीएम से उनकी पार्टी ने अलीगढ़ व मेरठ में महापौर चुनाव जीते हैं।

भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में नवनिर्वाचित 14 महापौर के अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने भाजपा के नवनिर्वाचित महापौरों को अपने-अपने शहरों का योजना बनाकर विकास करने और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का मंत्र दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नगरीय निकायों के सभी नव निर्वाचित पदाधिकारियों से भाजपा के संकल्प पत्र में किए गए वादों को पूरा करने की अपेक्षा की। मुख्यमंत्री योगी ने प्रदेश भाजपा कार्यालय में नवनिर्वाचित महापौरों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेश में नगर निकायों में मिली सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रसन्नता व्यक्त की है तथा हम सबका दायित्व है कि प्रधानमंत्री द्वारा भारत को विश्व की आर्थिक महाशक्ति बनाने की दिशा में किये जा रहे कार्यों को मजबूती प्रदान करें। उन्होंने यह भी कहा कि सभी जीते हुए प्रत्याशी अपने-अपने नगरीय निकायों में सुशासन तथा विकास को साकार करने की दिशा में आप संकल्प पत्र में घोषित प्राथमिकताओं पर पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें।
Uttar Pradesh Chief Minister chaired a review meeting following civic body poll results in Lucknow. pic.twitter.com/Kc6zCU0nUU
— ANI UP (@ANINewsUP) December 3, 2017
गौरतलब है कि शुक्रवार को निकाय निकाय चुनाव के नतीजे आने के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने आरोप लगाए थे कि ईवीएम में धांधली कर भाजपा ने मेयर के पद पर जीत हासिल की है। उन्होंने मांग की थी कि 2019 के चुनाव मतपत्रों से चुनाव कराए जाने चाहिए। कुछ इसी तर्ज पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा था कि भाजपा को सिर्फ 15 फीसदी वोट मिले हैं। जहां ईवीएम से चुनाव हुआ है केवल वहीं भाजपा जीती है, जहां मतपत्रों से चुनाव हुआ वहां सपा की जीत हुई है। हाल में ही निकाय चुनाव में बीएसपी के दो मेयर (अलीगढ़ और मेरठ) चुने गए हैं। 16 नगर निगम में से 14 में बीजेपी ने जीत दर्ज की है।
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बैलेट पेपर से चुनाव की मांग करने वालों से खन्ना ने भी मांगा इस्तीफा
नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि चुनाव में जो ईवीएम से जीते हैं, वे इस्तीफा दे दें तो सरकार खाली स्थानों पर बैलेट पेपर से चुनाव कराने को तैयार है।
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सुरेश कुमार खन्ना बसपा अध्यक्ष मायावती और सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव के ईवीएम में गड़बडिय़ों के आरोपों से जुड़े सवाल का जवाब दे रहे थे।
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उन्होंने कहा कि सपा और बसपा नेता अपनी हार से हताश होकर अनर्गल आरोप लगा रहे हैं। सभी विधायक और सांसद इस्तीफा दे दें तो फिर सरकार खाली हुए स्थानों पर उप चुनाव के लिए सिफारिश कर देगी, जो ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर से होंगे।